COVID -19 प्रकोप के कारण प्रतिबंधित न्यायिक कामकाज के बीच छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट और राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण ने शनिवार को देश की पहली ई-लोक अदालत का आयोजन किया। सत्र का उद्घाटन छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति पी आर रामचंद्र मेनन ने किया।

इस ई-लोक अदालत को देश में इस तरह के पहले प्रयास के रूप में उल्लेख किया गया है। राज्य के विभिन्न स्थानों पर लगभग 195 बेंचों का गठन किया गया था, जिसमें सरगुजा, कांकेर, बस्तर, सूरजपुर आदि जैसे दूरदराज के क्षेत्रों में वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से और समझौता करने के लिए 3135 मामलों को लाया गया।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग माध्यम से एक ही दिन में 2270 मामलों का निपटारा किया गया। उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता एसएलएसए, छत्तीसगढ़ के कार्यकारी अध्यक्ष न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा ने की।

समारोह के दौरान उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति महिंद्र मोहन श्रीवास्तव (अध्यक्ष कम्प्यूटरीकरण समिति) और गौतम भादुड़ी (HCLSC के अध्यक्ष) भी उपस्थित थे।

ई-लोक अदालत श्री शहाबुद्दीन कुरैशी सीपीसी, हाईकोर्ट, श्री सिद्धार्थ अग्रवाल, सदस्य सचिव, एसएलएसए और डीएलएसए की पूरी टीम के संयुक्त प्रयासों से पूरे छत्तीसगढ़ में आयोजित की गई।

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