पुलिस एस्कॉर्ट के लिए पैसे देने से मना करने के बाद हाईकोर्ट का अबू सलेम को इमरजेंसी पैरोल देने से इनकार
बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार को कहा कि वह अंडरवर्ल्ड गैंगस्टर अबू सलेम को इमरजेंसी पैरोल पर उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ में अपने पैतृक स्थान पर अपने भाई अबू हाकिम अंसारी की मौत का मातम मनाने के लिए जाने की इजाज़त देने के मूड में नहीं है।
जस्टिस अजय गडकरी और जस्टिस श्याम चंदक की डिवीजन बेंच ने यह देखने के बाद अनुरोध खारिज किया कि सलेम ने चार दिन की पैरोल अवधि के लिए ₹17.60 लाख के अनिवार्य पुलिस एस्कॉर्ट शुल्क का भुगतान करने से इनकार कर दिया।
सलेम की वकील एडवोकेट फरहाना शाह ने तर्क दिया कि मांगी गई रकम बहुत ज़्यादा है। साथ ही कहा कि उनका मुवक्किल, जो लगभग दो दशकों से जेल में है, इतनी बड़ी रकम देने की स्थिति में नहीं है। उन्होंने कोर्ट से अनुरोध किया कि सलेम को एस्कॉर्ट शुल्क के तौर पर ₹1 लाख का भुगतान करके यात्रा करने की अनुमति दी जाए।
हालांकि, बेंच सहमत नहीं हुई।
जस्टिस गडकरी ने टिप्पणी की:
“मैडम, मोलभाव का कोई सवाल ही नहीं है। आपको सरकारी शुल्क का भुगतान करना होगा।”
शाह ने आगे बताया कि सलेम को पहले भी अपनी मां और पालक मां की मृत्यु के समय अपने पैतृक स्थान पर जाने की अनुमति दी गई थी। उन मौकों पर ऐसा कोई भुगतान नहीं मांगा गया था।
हालांकि, बेंच ने इस तर्क को मानने से इनकार कर दिया और मांगी गई राहत देने से मना कर दिया।