'विदेशी ताकतें छात्रों को कर रही हैं गुमराह': BCI चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा
क्या छात्र आंदोलन छात्रों के हाथ में है या उसे राष्ट्रविरोधी ताकतों ने हाईजैक कर लिया है? इसी सवाल को उठाते हुए बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के चेयरमैन और भाजपा के राज्यसभा सांसद मनन कुमार मिश्रा ने देश के बुद्धिजीवियों से आगे आने की अपील की है। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा छात्र आंदोलन में समाजविरोधी और राष्ट्रविरोधी तत्व घुस चुके हैं और भोले-भाले छात्रों का इस्तेमाल भारत को अस्थिर करने के लिए किया जा रहा है।
"देश के बुद्धिजीवियों से एक अपील" शीर्षक से जारी चार पृष्ठों के बयान में मिश्रा ने वकीलों, शिक्षकों, प्रोफेसरों, डॉक्टरों, इंजीनियरों, पत्रकारों, उद्यमियों और अन्य नागरिकों से राष्ट्रहित में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया।
मिश्रा ने आरोप लगाया कि विदेशी ताकतें भारत को अस्थिर करने की कोशिश कर रही हैं और कुछ राजनेता, जिनके "विदेशी निष्ठा" होने का उन्होंने आरोप लगाया, युवाओं को कानून-व्यवस्था भंग करने के लिए उकसा रहे हैं। बिना किसी का नाम लिए उन्होंने दावा किया कि ऐसे लोग छात्र आंदोलन का इस्तेमाल अराजकता फैलाने और सत्ता हासिल करने के लिए कर रहे हैं।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जम्मू-कश्मीर और अन्य राज्यों से पत्थरबाजी में शामिल लोगों को दिल्ली और अन्य शहरों में लाया गया है तथा पाकिस्तान, चीन और बांग्लादेश जैसे देशों के इशारे पर सोशल मीडिया के जरिए माहौल बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है। उनके अनुसार, पिछले दो दिनों में पुलिस पर हमले और पथराव जैसी घटनाएं इस बात का संकेत हैं कि आंदोलन को "वास्तविक छात्रों" ने नहीं, बल्कि असामाजिक तत्वों ने अपने कब्जे में ले लिया है।
BCI चेयरमैन ने शिक्षकों, वकीलों, पत्रकारों और अन्य पेशेवरों से छात्रों को शांतिपूर्ण और कानूनी तरीके से अपनी बात रखने के लिए प्रेरित करने की अपील की। उन्होंने अभिभावकों से भी आग्रह किया कि वे सुनिश्चित करें कि उनके बच्चे किसी गैरकानूनी गतिविधि का हिस्सा न बनें। उन्होंने कहा कि "राष्ट्र सर्वोपरि है" और सभी नागरिकों को संविधान, कानून-व्यवस्था और छात्रों के भविष्य की रक्षा के लिए आगे आना चाहिए।
हालांकि, BCI चेयरमैन के इस रुख से कई प्रमुख बार संस्थाएं सहमत नहीं हैं। सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA), सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट्स-ऑन-रिकॉर्ड एसोसिएशन (SCAORA) और बॉम्बे बार एसोसिएशन सहित कई बार निकायों ने छात्र प्रदर्शनकारियों पर पुलिस के कथित अत्यधिक बल प्रयोग की आलोचना की है। SCBA अध्यक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता विकास सिंह ने प्रधानमंत्री और केंद्रीय गृह मंत्री को पत्र लिखकर जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई तथा दिल्ली पुलिस आयुक्त के निलंबन की मांग की है। वहीं, कई सुप्रीम कोर्ट वकीलों ने संविधान की प्रस्तावना का सामूहिक पाठ कर प्रदर्शनकारी छात्रों के प्रति एकजुटता भी जताई।