एडवोकेट शादान फरासत को सुप्रीम कोर्ट के समक्ष पंजाब राज्य का प्रतिनिधित्व करने के लिए एडिशनल एडवोकेट जनरल (एएजी) के रूप में नियुक्त किया गया है।

पंजाब सरकार के गृह मामलों और न्याय विभाग द्वारा 30 जनवरी को एएजी के रूप में नियुक्ति के लिए पत्र जारी किया गया है।

पत्र में कहा गया है,

"आप एतदद्वारा भारत के माननीय सर्वोच्च न्यायालय में पंजाब राज्य के लिए और उसकी ओर से मामलों का बचाव करने के लिए लीगल सेल पंजाब कार्यालय, नयी दिल्ली में एडिशनल एडवोकेट जनरल के रूप में तत्काल प्रभाव से नियुक्त किये जाते हैं।"

इसमें कहा गया है कि एएजी के पद पर नियुक्ति एक वर्ष की अवधि के लिए अनुबंध के आधार पर होगी।

पत्र में कहा गया है कि

“आप एडवोकेट जनरल, पंजाब के समग्र पर्यवेक्षण और नियंत्रण में काम करेंगे। पंजाब और पंजाब कानून अधिकारी (इंगेजमेंट) अधिनियम 2017 के प्रावधानों से बंधे होंगे।"

शादन ने मई 2006 में नेशनल लॉ स्कूल ऑफ़ इंडिया (NLSIU), बैंगलोर से अपना बीए एलएलबी (ऑनर्स) पूरा किया। उन्हें बेस्ट स्टूडेंट का "आर रेड्डी गोल्ड मेडल" भी मिला। उन्होंने जून 2009 में हार्वर्ड लॉ स्कूल से एलएलएम किया है।

शादान 2013 में सुप्रीम कोर्ट में एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड हुए। बाद में उन्हें 2015 में भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग के पैनल वकील के रूप में नियुक्त किया गया। 2018 में उन्हें दिल्ली हाईकोर्ट में दिल्ली सरकार के लिए अतिरिक्त स्थायी वकील (सिविल) के रूप में नियुक्त किया गया।

शादान ने ईडब्ल्यूएस कोटा मामले, गौतम नवलखा मामले, फेसबुक बनाम दिल्ली विधान सभा मामले और निजी कानून और सार्वजनिक कानून दोनों से संबंधित कई अन्य मामलों में सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ के समक्ष तर्क दिए हैं। वह दिल्ली हाईकोर्ट के समक्ष मध्यस्थता के मामलों में भी नियमित रूप से पेश होते रहे हैं।

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