सबरीमाला मामले पर फ़ैसले के बाद बोधगया मंदिर एक्ट को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट
बोधगया मंदिर एक्ट, 1949 से जुड़े मामले को टालते हुए सुप्रीम कोर्ट ने संकेत दिया कि सबरीमाला मामले पर 9 जजों की बेंच का फ़ैसला इस साल 6 अक्टूबर तक आ सकता है।
बोधगया मंदिर एक्ट के कुछ प्रावधानों की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं का एक समूह चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच के सामने लिस्ट किया गया।
हालांकि, एक अधूरे मामले (शिवसेना केस) के कारण इस मामले पर सुनवाई होने की संभावना कम थी, इसलिए कुछ वकीलों ने बोधगया मामले का ज़िक्र करते हुए कहा कि इसे तब तक के लिए टाला जा सकता है जब तक सबरीमाला मामले में 9 जजों का फ़ैसला नहीं आ जाता।
इस अनुरोध को मानते हुए CJI की बेंच ने बोधगया मामले की सुनवाई 6 अक्टूबर के लिए तय की। इसलिए उम्मीद की जा सकती है कि सबरीमाला मामले में 9 जजों की बेंच का फ़ैसला उस तारीख तक आ जाएगा।
16 दिनों की लंबी सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने सबरीमाला मामले में अपना फ़ैसला 14 मई को सुरक्षित रख लिया था। CJI कांत के अलावा, बेंच में जस्टिस बीवी नागरत्ना, जस्टिस एमएम सुंदरेश, जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह, जस्टिस अरविंद कुमार, जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह, जस्टिस प्रसन्ना बी वराले, जस्टिस आर महादेवन और जस्टिस जॉयमाल्य बागची शामिल थे।
Case: BHANTE ARYA NAGARJUN SHURAI SASAI AND ANR. v. UNION OF INDIA AND ORS.