सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब के प्राइवेट बिना सरकारी मदद वाले वेटनरी कॉलेजों को इंटर्नशिप के दौरान ट्यूशन फीस लेने से रोकने वाले आदेश पर लगाई रोक
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में एक नोटिस जारी किया और पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाई, जिसमें कहा गया कि प्राइवेट, बिना सरकारी मदद वाले वेटनरी कॉलेज बैचलर ऑफ वेटनरी साइंस एंड एनिमल हसबेंडरी (B.V.Sc. & A.H.) प्रोग्राम के लिए अनिवार्य इंटर्नशिप अवधि के दौरान छात्रों से ट्यूशन फीस नहीं ले सकते।
12 दिसंबर, 2025 के एक आदेश में हाईकोर्ट ने कहा था कि इंटर्नशिप अवधि के दौरान ट्यूशन फीस लेना शोषणकारी होगा और वेटनरी काउंसिल ऑफ इंडिया के नियमों के खिलाफ होगा, क्योंकि इंटर्नशिप भत्ता देने का मकसद ही खत्म हो जाएगा।
यह फैसला जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा और जस्टिस रोहित कपूर की बेंच ने गुरु अंगद देव वेटनरी एंड एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी (GADVASU), लुधियाना से जुड़े एक प्राइवेट बिना सरकारी मदद वाले कॉलेज के छात्रों की याचिका पर सुनाया था।
याचिकाकर्ताओं ने तर्क दिया कि इंटर्नशिप अवधि के दौरान, इंटर्न काम करने वाले वेटनरी डॉक्टरों की तरह ही पेशेवर ड्यूटी करते हैं, और VCI के नियम इंटर्नशिप भत्ता देने का आदेश देते हैं, न कि ट्यूशन फीस लेने का।
इस आदेश को खालसा कॉलेज ऑफ वेटनरी एंड एनिमल साइंसेज ने चुनौती दी थी, जो GADVASU के एफिलिएटेड विश्वविद्यालयों में से एक है, जस्टिस दीपांकर दत्ता और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की बेंच के सामने। बेंच ने 16 जनवरी को रोक लगाई।
Case Details: KHALSA COLLEGE OF VETERINARY AND ANIMAL SCIENCES v STATE OF PUNJAB & ORS|Special Leave to Appeal (C) No(s).733/2026