NEET प्रदर्शन मामला: सुप्रीम कोर्ट ने पूछा- प्रदर्शन ड्यूटी पर तैनात पुलिस को हेलमेट जैसे सुरक्षा उपकरण क्यों नहीं दिए जाते?
NEET प्रश्नपत्र लीक और कथित अनियमितताओं के विरोध में छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कथित बर्बरता से जुड़ी याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को संकेत दिया कि वह राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों से पूछ सकता है कि बड़े प्रदर्शनों के दौरान ड्यूटी करने वाले पुलिसकर्मियों को हेलमेट जैसे पर्याप्त सुरक्षा उपकरण क्यों उपलब्ध नहीं कराए जाते।
जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहन की खंडपीठ ने मामले को मंगलवार के लिए सूचीबद्ध करते हुए कहा कि यदि पुलिस या प्रदर्शनकारियों में से किसी को भी चोट पहुंची है तो यह अदालत के लिए समान चिंता का विषय है।
पुलिसकर्मियों के परिवारों की ओर से पेश वकील ने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान कुछ पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट की गई।
इस पर जस्टिस बागची ने कहा कि अदालत राज्यों से यह भी पूछ सकती है कि ऐसे प्रदर्शनों से निपटने वाले पुलिसकर्मियों को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण, जैसे हेलमेट, क्यों उपलब्ध नहीं कराए जाते।
चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा कि विरोध प्रदर्शन करना नागरिकों का अधिकार है और इसके लिए उचित स्थान उपलब्ध कराया जाना चाहिए।
हालांकि, यदि कोई असामाजिक तत्व हिंसा करता है, तो उससे कानून के अनुसार निपटा जा सकता है।
खंडपीठ ने यह भी कहा कि यदि प्रदर्शन के दौरान पुलिस द्वारा अत्यधिक बल प्रयोग हुआ है, तो इसकी स्वतंत्र जांच होनी चाहिए ताकि जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान की जा सके और भविष्य के लिए पूरे देश में एक समान प्रोटोकॉल और निवारक दिशानिर्देश तैयार किए जा सकें।
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता के अनुरोध पर अदालत ने सभी संबंधित याचिकाओं को मंगलवार को एक साथ सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने पर सहमति जताई।