रेत माफिया का कहर: चंबल अभयारण्य में वन रक्षक को ट्रैक्टर से कुचला, सुप्रीम कोर्ट में उठा मामला
मध्य प्रदेश के चंबल अभयारण्य क्षेत्र में अवैध रेत खनन रोकने की कोशिश कर रहे वन रक्षक की ट्रैक्टर से कुचलकर हत्या का मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया। इस गंभीर घटना पर अदालत ने तत्काल संज्ञान लेते हुए अगले सप्ताह सुनवाई तय की।
जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ के समक्ष इस मामले का उल्लेख एमिक्स क्यूरी द्वारा किया गया। यह मामला पहले से चल रही अवैध रेत खनन पर स्वतः संज्ञान याचिका से जुड़ा हुआ है।
रिपोर्ट के अनुसार, 33 वर्षीय वन रक्षक हरकेश गुर्जर गश्त के दौरान एक ट्रैक्टर को रोकने का प्रयास कर रहे थे, जो अवैध रूप से रेत ले जा रहा था। इसी दौरान ट्रैक्टर चालक ने उन्हें कुचल दिया, जिससे मौके पर ही उनकी मौत हो गई।
सुनवाई के दौरान अदालत ने इस घटना को बेहद गंभीर बताया।
जस्टिस संदीप मेहता ने कहा कि इस क्षेत्र में इस तरह की “बहुत गंभीर” घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं।
अदालत ने एमिक्स क्यूरी से निर्देश दिया कि वह इस घटना और इसी तरह की अन्य घटनाओं का विस्तृत विवरण शपथ पत्र के रूप में दाखिल करें और मध्य प्रदेश सरकार के वकील को इसकी अग्रिम सूचना दें।
सुप्रीम कोर्ट पहले भी चंबल क्षेत्र में अवैध रेत खनन को लेकर चिंता जता चुका है। अदालत ने टिप्पणी की थी कि रेत माफिया पर नियंत्रण के लिए कड़े कदम उठाने होंगे, यहां तक कि उनके खिलाफ निवारक हिरासत कानून लागू करने की जरूरत हो सकती है।
इससे पहले अदालत ने राजस्थान सरकार की उस अधिसूचना पर भी रोक लगा दी थी जिसमें अभयारण्य के कुछ क्षेत्रों को बाहर किया गया था।
यह मामला एक बार फिर अवैध खनन और उससे जुड़े हिंसक अपराधों पर सख्त कार्रवाई की जरूरत को उजागर करता है।