गुरु गोबिंद जयंती को राष्ट्रीय अवकाश बनाने की मांग खारिज, सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी और छुट्टियां न बढ़ाएं
सुप्रीम कोर्ट ने गुरु गोबिंद जयंती को राष्ट्रीय अवकाश घोषित करने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया।
अदालत ने स्पष्ट कहा कि देश में पहले से ही पर्याप्त छुट्टियां हैं और इसमें और वृद्धि की जरूरत नहीं है।
जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने यह फैसला सुनाते हुए टिप्पणी की भारत पहले ही छुट्टियों का देश है। इसमें और इजाफा न करें।
यह याचिका ऑल इंडिया शिरोमणि सिंह सभा द्वारा दायर की गई, जिसमें गुरु गोबिंद सिंह की जयंती को राष्ट्रीय अवकाश घोषित करने की मांग की गई।
याचिकाकर्ता का तर्क था कि गुरु गोबिंद सिंह का ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व अत्यंत बड़ा है। इसके बावजूद उनकी जयंती को राष्ट्रीय अवकाश का दर्जा नहीं दिया गया।
साथ ही देश में सार्वजनिक अवकाश घोषित करने के लिए कोई समान नीति नहीं है और यह निर्णय विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक समूहों की इच्छाओं पर निर्भर करता है।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से सीनियर एडवोकेट विकास सिंह ने देशभर में सार्वजनिक छुट्टियों के लिए एक समान नीति बनाने की भी मांग की।
हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने इस दलील को स्वीकार नहीं किया और याचिका पर आगे विचार करने से इनकार कर दिया।
अदालत के इस फैसले के साथ ही गुरु गोबिंद जयंती को राष्ट्रीय अवकाश घोषित करने की मांग फिलहाल समाप्त हो गई।