लोक गायिका नेहा सिंह राठौर को सुप्रीम कोर्ट से अग्रिम जमानत, पीएम और पहलगाम हमले पर पोस्ट से जुड़ा मामला
सुप्रीम कोर्ट ने लोक गायिका नेहा सिंह राठौर को गिरफ्तारी से राहत देते हुए अग्रिम जमानत दी। बता दें, यह मामला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले को लेकर सोशल मीडिया पर की गई कथित आपत्तिजनक पोस्ट से जुड़ा है।
जस्टिस जे.के. माहेश्वरी और जस्टिस अतुल एस. चंदुरकर की पीठ ने यह आदेश पारित किया।
सुनवाई के दौरान राज्य की ओर से अदालत को बताया गया कि कोर्ट के पहले के आदेश के अनुसार नेहा सिंह राठौर जांच अधिकारियों के सामने पेश हो चुकी हैं और उनका बयान दर्ज कर लिया गया।
इसके बाद अदालत ने अंतरिम राहत को स्थायी करते हुए उन्हें अग्रिम जमानत दी। साथ ही पीठ ने कहा कि वह आगे भी जांच में पूरा सहयोग करेंगी।
यह मामला इलाहाबाद हाइकोर्ट के उस आदेश के खिलाफ दायर याचिका से जुड़ा है, जिसमें नेहा सिंह राठौर की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने जनवरी में उन्हें अस्थायी राहत देते हुए गिरफ्तारी से संरक्षण दिया था और निर्देश दिया कि वह जांच अधिकारी के बुलाने पर उपस्थित हों।
मामले में दर्ज FIR के अनुसार पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद नेहा सिंह राठौर ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कई पोस्ट प्रकाशित किए। उस हमले में 26 पर्यटकों की मौत हो गई और जांच एजेंसियों के अनुसार इसमें पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन का हाथ बताया गया।
अभियोजन का आरोप है कि जब सरकार हमले के बाद कड़े कदम उठा रही थी उस समय राठौर ने कई ऐसे पोस्ट किए जो राष्ट्रीय एकता और अखंडता को प्रभावित कर सकते हैं तथा धर्म और जाति के आधार पर लोगों को भड़काने की आशंका पैदा करते हैं।
इलाहाबाद हाइकोर्ट ने अपनी टिप्पणी में कहा था कि यद्यपि संविधान का अनुच्छेद 19 अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की गारंटी देता है लेकिन यह स्वतंत्रता सार्वजनिक व्यवस्था, शालीनता और नैतिकता के आधार पर उचित प्रतिबंधों के अधीन है।
हाइकोर्ट ने यह भी कहा था कि कथित पोस्ट में प्रधानमंत्री के नाम का असम्मानजनक तरीके से इस्तेमाल किया गया और यह पोस्ट उस संवेदनशील समय में किए गए, जब 22 अप्रैल, 2025 को पहलगाम की दुखद घटना हुई थी।
हालांकि अब सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें अग्रिम जमानत देते हुए गिरफ्तारी से राहत प्रदान की।साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि उन्हें जांच में सहयोग करना होगा।