सुप्रीम कोर्ट ने COVID-19 वैक्सीनेशन के लिए आधार कार्ड पर जोर देने के खिलाफ दायर याचिका पर नोटिस जारी किया

Update: 2021-10-01 07:43 GMT

सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एक रिट याचिका पर नोटिस जारी किया। इस याचिका में केंद्र को यह निर्देश दिए जाने की मांग की गई कि वह COVID-19 वैक्सीनेशन के लिए पहचान के एकमात्र प्रमाण के रूप में आधार कार्ड पर जोर न दे।

न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ ने शुरुआत में कहा,

"अखबार के लेखों पर न जाएं। क्या आपने हाल ही में COWIN ऐप देखा है? इसे अब अपडेट कर दिया गया है। अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न अनुभाग पर जाएं और आप देखेंगे कि अब विभिन्न प्रकार के आईडी सबूत हैं जिनसे आप पंजीकरण कर सकते हैं।"

जज ने याचिकाकर्ता के वकील को बताया,

"आधार कार्ड एकमात्र आईडी नहीं है जिसे वे स्वीकार कर रहे हैं। आप ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, पासपोर्ट, राशन कार्ड आदि से भी पंजीकरण कर सकते हैं। हम इस मामले को वापस रखेंगे। आप स्वयं जाकर सत्यापित करें।"

याचिकाकर्ता के वकील ने निवेदन किया

"हां, आप सात आईडी में से पंजीकरण कर सकते हैं। लेकिन जब आप वैक्सीनेशन के लिए वहां जाते हैं, तो आधार पर जोर दिया जाता है! उन्होंने कहा कि इसके अलावा हम नहीं कर सकते! नीतियां हैं, कागज पर सब कुछ है, लेकिन लोग अभी भी इस समस्या का सामना कर रहे हैं! आधार लिंक अभी भी अनिवार्य है! मेघालय हाईकोर्ट को भी हस्तक्षेप करना पड़ा। आप इस संबंध में आदेश पारित करें जिसके लिए मैं प्रार्थना कर रहा हूं!"

इसके बाद पीठ ने रिट याचिका पर नोटिस जारी किया।

केस शीर्षक: सिद्धार्थ शंकर शर्मा बनाम भारत संघ और अन्य।

वकील: मयंक क्षीरसागर ए/डब्ल्यू पंखुरी याचिकाकर्ता के लिए

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