NDTV की होल्डिंग कंपनी के खिलाफ री-असेसमेंट नोटिस रद्द करने को लेकर IT विभाग की चुनौती खारिज

Update: 2026-04-02 14:22 GMT

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ इनकम टैक्स (IT) डिपार्टमेंट की अपील खारिज की, जिसमें NDTV के प्रमोटर राधिका रॉय और प्रणय रॉय की कंपनी RRPR होल्डिंग्स प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ री-असेसमेंट की कार्रवाई रद्द कर दी गई।

जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने देरी के आधार पर उक्त अपील खारिज की।

साल 2009 में RRPR होल्डिंग्स ने विश्व प्रधान कमर्शियल प्राइवेट लिमिटेड से लोन लिया था। कंपनी ने दावा किया था कि लोन की रकम का इस्तेमाल ICICI बैंक के बकाया लोन चुकाने के लिए किया गया।

हालांकि, असेसमेंट ऑफिसर (AO) ने यह राय दी कि लोन एग्रीमेंट की शर्तों के मुताबिक, यह लोन असल में NDTV के 26% शेयर ट्रांसफर करने के बदले किया गया पेमेंट था। इसलिए RRPR होल्डिंग्स को असेसमेंट ईयर 2010-11 के लिए एक नोटिस जारी किया गया, जिसमें फाइनेंशियल ईयर 2009-10 के दौरान की टैक्सेबल इनकम का री-असेसमेंट करने को कहा गया। RRPR होल्डिंग्स ने दिल्ली हाई कोर्ट में इस री-असेसमेंट नोटिस को चुनौती दी।

10 सितंबर, 2024 को दिल्ली हाईकोर्ट ने AO की इस टिप्पणी को तथ्यों के आधार पर गलत बताते हुए खारिज कर दिया। कोर्ट ने कहा कि RRPR होल्डिंग्स ने NDTV में 7.5% शेयरहोल्डिंग हासिल की थी, जो अभी भी उसी के पास है और उसे कभी भी लोन देने वाली कंपनी को ट्रांसफर नहीं किया गया।

यह मानते हुए कि री-असेसमेंट की कार्रवाई का मूल आधार ही गलत था, हाईकोर्ट ने इनकम टैक्स एक्ट की धारा 148 के तहत 23 मार्च, 2015 को जारी किए गए री-असेसमेंट नोटिस रद्द कर दिया।

Case Title – Deputy Commissioner Of Income Tax v. RRPR Holdings Private Limited

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