NEET-UG में दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए पहचान सत्यापन के वैकल्पिक तरीकों पर 21 सितंबर को सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए NEET-UG परीक्षा में पहचान सत्यापन के वैकल्पिक तरीकों की व्यवस्था किए जाने की मांग वाली याचिका पर 21 सितंबर को सुनवाई करेगा। कोर्ट ने इस मामले में उठाए गए व्यापक सवाल को महत्वपूर्ण मानते हुए सीनियर एडवोकेट गोपाल शंकरनारायणन से अदालत की सहायता करने को कहा।
जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ के समक्ष याचिका पर अंतरिम राहत के मुद्दे पर सुनवाई हुई।
याचिकाकर्ता की ओर से सीनियर एडवोकेट गोपाल शंकरनारायणन पेश हुए।
सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि संबंधित दिव्यांग अभ्यर्थी को इस वर्ष आयोजित दोबारा NEET-UG परीक्षा में शामिल होने की अनुमति दे दी गई है। इस कारण सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल अंतरिम राहत के संबंध में कोई आदेश पारित नहीं किया।
हालांकि पीठ ने पहचान सत्यापन के वैकल्पिक तरीकों से जुड़े व्यापक मुद्दे को खुला रखा है।
कोर्ट इस बात पर विचार करेगा कि दिव्यांग अभ्यर्थियों की विशेष परिस्थितियों को देखते हुए पहचान सत्यापन के लिए मौजूदा व्यवस्था के अलावा कोई वैकल्पिक तरीका अपनाया जा सकता है या नहीं।
पीठ ने आदेश में कहा,
"हम सीनियर एडवोकेट गोपाल शंकरनारायणन से इस मामले में अदालत की सहायता करने का अनुरोध करते हैं, क्योंकि इस याचिका में विचार के लिए महत्वपूर्ण मुद्दे उठते हैं।"
सुप्रीम कोर्ट ने मामले को 21 सितंबर 2026 को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया।