सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर में ReT उम्मीदवारों की नियुक्ति की अनुमति दी, बशर्ते वे तीन साल में TET पास कर लें
सुप्रीम कोर्ट ने जम्मू-कश्मीर में 'रहबर-ए-तालीम' (ReT) योजना के तहत चुनी गई सूची में शामिल उम्मीदवारों की नियुक्ति की अनुमति दी। कोर्ट ने कहा कि इस योजना के बंद हो जाने से इन उम्मीदवारों को पिछली तारीख से नियुक्ति के अधिकार से वंचित नहीं किया जा सकता।
कोर्ट ने साथ ही निर्देश दिया कि ऐसे उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र जारी किए जाएं, बशर्ते वे तीन साल के भीतर और तीन प्रयासों में न्यूनतम योग्यताएं हासिल कर लें, जिसमें 'शिक्षक पात्रता परीक्षा' (TET) पास करना भी शामिल है।
जस्टिस जे.के. माहेश्वरी और जस्टिस अतुल एस. चांदुरकर की खंडपीठ ने संविधान के अनुच्छेद 142 के तहत अपनी पूर्ण शक्तियों का इस्तेमाल करते हुए नियुक्ति का इंतज़ार कर रहे उम्मीदवारों और 'शिक्षा का अधिकार अधिनियम' के तहत शिक्षण के न्यूनतम मानकों को बनाए रखने की वैधानिक आवश्यकता के बीच संतुलन स्थापित किया।
नियुक्तियों की अनुमति देते हुए कोर्ट ने इस बात पर ज़ोर दिया कि वैधानिक योग्यता मानदंडों का पालन करना अनिवार्य है। इसलिए, कोर्ट ने निर्देश दिया कि इस योजना के तहत नियुक्त उम्मीदवारों को 'राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद' (NCTE) द्वारा निर्धारित न्यूनतम योग्यताएं, जिसमें TET पास करना भी शामिल है, नियुक्ति की तारीख से तीन साल के भीतर और तीन प्रयासों में हासिल करनी होंगी।
उपर्युक्त निर्देशों के आधार पर याचिका का निपटारा किया गया।
Cause Title: UNION TERRITORY OF JAMMU AND KASHMIR AND ORS. VERSUS SABA WANI