'पिछले 5 सालों के IT रिटर्न हमारे सामने रखें, इनकम का सोर्स बताएं': सुप्रीम कोर्ट ने 'फालतू' PIL दायर करने वाले याचिकाकर्ता को फटकारा
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में याचिकाकर्ता से पिछले पांच सालों के इनकम-टैक्स रिटर्न और अपनी इनकम के सोर्स का एफिडेविट रिकॉर्ड पर रखने को कहा। याचिकाकर्ता ने जनहित याचिका (PIL) दायर की थी।
यह तब हुआ, जब कोर्ट ने यह राय बनाई कि याचिका "फालतू" थी और "पब्लिसिटी स्टंट" के तौर पर दायर की गई।
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (सीजेआई) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस विजय बिश्नोई की बेंच ने कहा,
"इससे पहले कि हम याचिकाकर्ता पर, जिसने कथित तौर पर जनहित में एक फालतू याचिका दायर की, जो पब्लिसिटी स्टंट से ज़्यादा कुछ नहीं है, भारी जुर्माना लगाएं हम याचिकाकर्ता को निर्देश देते हैं कि वह पिछले पांच सालों के अपने इनकम-टैक्स रिटर्न और अपनी इनकम के सोर्स का एफिडेविट रिकॉर्ड पर रखे।"
यह याचिका साबू स्टीफन नाम के एक व्यक्ति ने भारत के चुनाव आयोग (ECI) के खिलाफ दायर की थी। याचिकाकर्ता खुद पेश हुआ।
Case : Sabu Steephen v Union of India WP(c) 1209/2025