'पूरी पुलिस फोर्स के आधुनिकीकरण' पर केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट में कहा: नई योजना पर हो रहा विचार
केंद्र सरकार ने 5 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट को जानकारी दी कि देश भर में पूरी पुलिस फ़ोर्स के आधुनिकीकरण के लिए व्यापक योजना पर विचार किया जा रहा है। इसे सैद्धांतिक मंज़ूरी के लिए वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग (Department of Expenditure) को भेजा गया।
केंद्र सरकार ने यह भी बताया कि 'पुलिस के आधुनिकीकरण के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सहायता' (ASUMP) योजना को 31 मार्च 2027 तक बढ़ा दिया गया।
पुलिस स्टेशनों में काम करने वाले CCTV कैमरों की कमी पर स्वतः संज्ञान (suo motu) लेकर शुरू किए गए मामले की सुनवाई के दौरान, ASG राजकुमार भास्कर ठाकरे ने जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच को इन घटनाक्रमों के बारे में बताया।
ASG ने कहा कि प्रस्तावित योजना ASUMP योजना की तर्ज़ पर ही होगी। इस बात को सुनने के बाद मामले में एमिकस क्यूरी (न्यायालय मित्र) सीनियर एडवोकेट सिद्धार्थ दवे ने बताया कि ASUMP योजना के तहत राज्य और केंद्र शासित प्रदेश जिप्सी (गाड़ियों) आदि की मांग करने लगे थे, जबकि पुलिस फ़ोर्स के आधुनिकीकरण में आधुनिक उपकरण, जांच के वैज्ञानिक तरीके आदि उपलब्ध कराने पर ज़ोर होना चाहिए।
जस्टिस मेहता ने सहमति जताई कि आधुनिकीकरण में फ़ोर्स को हाई-टेक उपकरण उपलब्ध कराना शामिल होना चाहिए। मामले की सुनवाई स्थगित कर दी गई और ASG से योजना की पूरी जानकारी वाला हलफ़नामा (Affidavit) दाखिल करने को कहा गया।
Case Details :
(1) IN RE LACK OF FUNCTIONAL CCTVS IN POLICE STATIONS Versus, SMW(C) No. 7/2025
(2) PARAMVIR SINGH SAINI Versus BALJIT SINGH, SLP (Crl) No.3543/2020 (and connected cases)
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