NEET PG 2025 | सुप्रीम कोर्ट ने स्पेशल स्ट्रे वैकेंसी काउंसलिंग राउंड की मांग वाली याचिका खारिज की

Update: 2026-04-16 10:34 GMT

सुप्रीम कोर्ट ने वह रिट याचिका खारिज की, जिसमें NEET-PG 2025 काउंसलिंग के लिए 5वां राउंड या स्पेशल स्ट्रे वैकेंसी राउंड आयोजित करने के निर्देश देने और नेशनल मेडिकल कमीशन के ऐसे किसी राउंड को आयोजित न करने के फैसले को चुनौती देने की मांग की गई थी।

जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने इस याचिका पर सुनवाई करने से इनकार किया।

एडवोकेट-ऑन-रिकॉर्ड रवि भारुका के माध्यम से दायर इस याचिका में अधिकारियों को निर्देश देने की मांग की गई कि वे स्ट्रे वैकेंसी राउंड पूरा होने के बाद NEET-PG MD/MS/DNB-2025 के लिए ऑल-इंडिया कोटे के तहत खाली पड़ी पोस्टग्रेजुएट मेडिकल सीटों को भरने के लिए 5वां राउंड या स्पेशल स्ट्रे वैकेंसी राउंड आयोजित करें। याचिका में कहा गया कि 28 फरवरी, 2026 को सीटें खाली रह गईं, क्योंकि आवंटित उम्मीदवारों ने जॉइन नहीं किया, रिपोर्ट नहीं किया, या दाखिला लेने से इनकार किया।

याचिका में नेशनल मेडिकल कमीशन के पोस्ट ग्रेजुएट मेडिकल एजुकेशन बोर्ड द्वारा 1 अप्रैल, 2026 को जारी नोटिस रद्द करने की भी मांग की गई। यह मांग उस हद तक की गई, जहां तक उस नोटिस में यह घोषणा की गई कि कोई भी स्पेशल स्ट्रे वैकेंसी राउंड आयोजित नहीं किया जाएगा और 28 फरवरी, 2026 के बाद किया गया कोई भी दाखिला अनधिकृत माना जाएगा।

विवादित नोटिस में इस बात को दोहराया गया कि NEET-PG 2025 के लिए कोई भी स्पेशल स्ट्रे वैकेंसी राउंड आयोजित नहीं किया जाएगा और 28 फरवरी, 2026 की अंतिम तिथि के बाद किया गया कोई भी दाखिला वैध नहीं माना जाएगा। इसमें सभी संबंधित पक्षों, जिनमें राज्य के अधिकारी और मेडिकल संस्थान शामिल हैं, को निर्धारित समय-सीमा और दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया गया।

नोटिस में कहा गया कि यह मुद्दा तब अंतिम रूप ले चुका था, जब सुप्रीम कोर्ट ने राजस्थान में पीजी सीटों पर दाखिले की अंतिम तिथि बढ़ाकर 13 उम्मीदवारों को दाखिला देने की मांग वाली याचिका को खारिज किया था। हालांकि, कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को केंद्र सरकार के समक्ष अभ्यावेदन (Representations) प्रस्तुत करने की अनुमति दी थी, लेकिन सक्षम प्राधिकारी ने उन अभ्यावेदनों को स्वीकार नहीं किया।

नोटिस में आगे कहा गया कि 2025 के लिए पीजी सीटों की काउंसलिंग का कार्यक्रम 23 मार्च, 2026 को 'आशीष रंजन बनाम भारत संघ और अन्य' मामले में सुप्रीम कोर्ट द्वारा अनुमोदित किया गया, जिसमें 28 फरवरी, 2026 को दाखिले की अंतिम तिथि निर्धारित की गई। इसमें यह साफ़ किया गया कि स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय के तहत मेडिकल काउंसलिंग कमेटी द्वारा तय किए गए शेड्यूल का उल्लंघन करके किया गया कोई भी एडमिशन, बिना अनुमति के माना जाएगा और उसे रद्द किया जा सकता है।

इस नोटिस में राज्य सरकारों और केंद्र शासित प्रदेशों को यह निर्देश भी दिया गया कि वे अपने कानूनों, नियमों और काउंसलिंग प्रक्रियाओं को राष्ट्रीय मेडिकल कमीशन के नियमों के हिसाब से करें और यह पक्का करें कि तय शेड्यूल के अलावा कोई भी अलग से काउंसलिंग न की जाए।

सुप्रीम कोर्ट ने रेगुलेटरी अथॉरिटी के उस फ़ैसले में दखल देने से मना किया, जिसमें कहा गया कि NEET-PG 2025 के लिए कोई भी 'स्पेशल स्ट्रे वैकेंसी राउंड' नहीं होगा और 28 फरवरी, 2026 के बाद कोई एडमिशन नहीं किया जा सकेगा।

Case Title – Education Promotion Society For India and Anr. v. Union of India and Ors.

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