सीनियर वकील कपिल सिब्बल ने सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में तृणमूल कांग्रेस की नेता ममता बनर्जी की याचिका का ज़िक्र किया। इस याचिका में भारत के चुनाव आयोग (ECI) के उस फैसले को चुनौती दी गई, जिसके तहत पार्टी के विरोधी गुटों के बीच विवाद के चलते 'ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस' (AITC) नाम और उसके आरक्षित चुनाव चिह्न 'फूल और घास' (Flowers & Grass) पर रोक लगा दी गई।

मामले पर जल्द सुनवाई की मांग करते हुए सिब्बल ने ECI के उस फैसले पर सवाल उठाया जिसके तहत कार्यवाही जारी रहने के दौरान ही पार्टी की पहचान पर रोक लगा दी गई।

सिब्बल ने कहा,

"वे एक नोटिफिकेशन जारी करते हैं और नोटिफिकेशन के बीच में ही चुनाव चिह्न पर रोक लगा देते हैं। यह क्या हो रहा है? हम चाहते हैं कि मामले को जल्द लिस्ट किया जाए।"

बेंच की अध्यक्षता कर रहे चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत ने जवाब दिया कि विरोधी पक्ष की भी अपनी बातें होंगी।

CJI ने कहा,

"दोनों पक्षों को कुछ न कुछ कहना होगा। जब मामला लिस्ट होगा, तब बहस कीजिएगा। हम इसे लिस्ट करने की कोशिश करेंगे।"

बनर्जी की याचिका में ECI के 18 सितंबर के अंतरिम आदेश को चुनौती दी गई। इस आदेश में चुनाव चिह्न (आरक्षण और आवंटन) आदेश, 1968 के पैरा 15 के तहत विवाद पर अंतिम फैसला होने तक दोनों विरोधी गुटों को 'ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस' नाम और 'फूल और घास' चुनाव चिह्न का इस्तेमाल करने से रोक दिया गया।

इसके बाद ECI ने 6 अक्टूबर को होने वाले विधानसभा उपचुनावों के लिए दोनों गुटों को अलग-अलग नाम और चुनाव चिह्न आवंटित किए। बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट को 'ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस' नाम और 'फुटबॉल खिलाड़ी' (Football Player) चुनाव चिह्न दिया गया, जबकि रिताब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले विरोधी गुट को 'डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस' और 'लिफाफा' (Envelope) चुनाव चिह्न आवंटित किया गया।

चुनाव आयोग ने कहा कि उसने यह अंतरिम कदम इसलिए उठाया, क्योंकि दो विरोधी गुट AITC होने का दावा कर रहे थे और उपचुनाव से पहले पैरा 15 के तहत मुख्य कार्यवाही पूरी करने के लिए पर्याप्त समय नहीं था।

बनर्जी ने पार्टी के मूल नाम और चुनाव चिह्न को बहाल करने की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट में ECI के फैसले को चुनौती दी। यह याचिका TMC के भीतर चल रहे उस आंतरिक विवाद के बीच आई, जो पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों में हार के बाद पार्टी में हुई बगावत के कारण पैदा हुआ था।

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