Delhi SIR : नोटिस पाने वाले वोटरों के नाम और 'लॉजिकल विसंगतियों' के आधार जानने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करेगा सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट में रिट याचिका दायर की गई। इसमें भारत के चुनाव आयोग (ECI) और दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी पर आरोप लगाया गया कि उन्होंने दिल्ली में चल रहे मतदाता सूची के 'विशेष गहन संशोधन' (SIR) के दौरान नोटिस पाने वाले वोटरों के नाम और नोटिस जारी करने के खास कारण नहीं बताए।
अंजली भारद्वाज और अमृता जौहरी ने वकील प्रशांत भूषण के ज़रिए यह याचिका दायर की। इसमें 'लॉजिकल विसंगतियों' (Logical Discrepancies) की श्रेणी में वोटरों के वर्गीकरण के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले मापदंडों, परिभाषाओं, एल्गोरिदम पैरामीटर और ऑपरेशनल गाइडलाइंस का खुलासा करने की भी मांग की गई।
चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) के सामने गुरुवार को इस याचिका को जल्द सुनवाई के लिए रखने का अनुरोध किया गया।
सुनवाई के अनुरोध के दौरान, भूषण ने कहा कि ड्राफ्ट मतदाता सूची से हटाए गए 47 लाख लोगों के अलावा, कथित तौर पर 33 लाख और वोटरों को 'लॉजिकल विसंगतियों' और 'अनमैप्ड' (Unmapped) होने जैसे आधारों पर नोटिस भेजे गए।
उन्होंने आरोप लगाया कि नोटिस पाने वाले लोगों के नाम वेबसाइट पर नहीं बताए गए, जबकि कुछ वोटरों को नोटिस मिले हैं और कुछ को नहीं। उन्होंने आगे कहा कि नोटिस में यह नहीं बताया गया कि संबंधित वोटरों को चुनावी अधिकारियों के सामने पेश होने के लिए क्यों कहा गया।
CJI ने संकेत दिया कि इस मामले पर मंगलवार को सुनवाई होगी, जब SIR से जुड़े अन्य मामलों पर भी सुनवाई होनी है।
Case : Anjali Bharadwaj & another v. Election Commission of India and others