बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव आज चेक बाउंस से जुड़े सात मामलों में अपनी सजा के खिलाफ दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में व्यक्तिगत रूप से पेश हुए। इस दौरान CJI सूर्यकांत ने हल्के-फुल्के अंदाज में उन्हें नई फिल्म बनाकर दर्शकों का मनोरंजन करने और अपनी सार्वजनिक छवि फिर से बनाने की सलाह दी।

चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की खंडपीठ राजपाल यादव की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें उन्हें सात चेक बाउंस मामलों में दोषी ठहराए जाने और तीन महीने की सजा को चुनौती दी गई है।

सुनवाई के दौरान राजपाल यादव ने बताया कि उनकी फिल्म 'अता पता लापता' के प्रोजेक्ट के कारण उन्हें काफी आर्थिक नुकसान हुआ है।

₹5 करोड़ जमा करने की शर्त, अब तक ₹1.15 करोड़ जमा

सुप्रीम कोर्ट ने पहले राजपाल यादव को आत्मसमर्पण से अंतरिम राहत देते हुए ₹5 करोड़ जमा करने की शर्त रखी थी। 15 सितंबर को कोर्ट ने उन्हें कम से कम ₹2 करोड़ जमा करने का अंतिम अवसर दिया था।

हालांकि, सोमवार को कोर्ट ने निर्धारित राशि जमा नहीं करने पर अभिनेता को फटकार लगाई थी।

आज सुनवाई के दौरान राजपाल यादव ने ₹1.15 करोड़ के डिमांड ड्राफ्ट कोर्ट रजिस्ट्री में जमा किए। कोर्ट ने इन्हें जमा करने का निर्देश दिया।

बाकी ₹85 लाख जुटाने के लिए उन्हें अपनी एक संपत्ति बेचने का समय दिया गया। कोर्ट को बताया गया कि संपत्ति के लिए खरीदार तैयार है, लेकिन श्राद्ध पक्ष के कारण वह अभी रजिस्ट्री नहीं कराना चाहता।

“मामले के मेरिट पर बहस की तो सजा बढ़ा देंगे”

राजपाल यादव के वकील ने दलील दी कि जिस फिल्म प्रोजेक्ट से जुड़ी देनदारी का मामला है, वह वास्तव में एक संयुक्त उपक्रम (Joint Venture) था और पूरी देनदारी अभिनेता पर डाल दी गई है।

इस पर जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने कहा कि यदि मामले के गुण-दोष यानी मेरिट पर बहस की गई तो कोर्ट याचिका खारिज कर सकता है। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि तीन महीने की सजा को बढ़ाकर दो साल तक किया जा सकता है।

जस्टिस बागची ने कहा कि कोर्ट फिलहाल शिकायतकर्ता को न्यायसंगत राहत देने के लिए कुछ रियायत दे रहा है।

13 अक्टूबर तक ₹85 लाख जमा करने का निर्देश

CJI सूर्यकांत ने निर्देश दिया कि राजपाल यादव की संपत्ति के संभावित खरीदार द्वारा 13 अक्टूबर तक ₹85 लाख जमा किए जाएं। इसके बाद कोर्ट शिकायतकर्ता को बाकी रकम के भुगतान का कार्यक्रम तय करेगा।

शिकायतकर्ता की ओर से कहा गया कि यदि फिलहाल ₹2 करोड़ जमा कर दिए जाते हैं तो उसे बाकी राशि के भुगतान के लिए तीन महीने का समय स्वीकार है।

CJI ने मजाकिया अंदाज में कहा- “कोई अच्छी फिल्म बनाइए”

सुनवाई खत्म होने के बाद CJI सूर्यकांत ने राजपाल यादव से हल्के-फुल्के अंदाज में पूछा कि उनकी कोई नई फिल्म आ रही है या नहीं।

उन्होंने कहा, “कोई नई फिल्म आ रही है? कोई अच्छी सी फिल्म बनाकर लोगों को दोबारा एंटरटेन करो। आपकी इमेज दोबारा बन जाएगी। हमारे यहां कुछ वकील भी अच्छे अभिनेता हैं।”

इससे पहले भी कोर्ट ने राजपाल यादव की पिछली सुनवाई के दौरान टिप्पणी की थी कि वह बॉलीवुड अभिनेता हैं और उम्मीद है कि “यहां भी एक्टिंग नहीं कर रहे होंगे।”

कोर्ट ने उस समय उनके पिछले आचरण को लेकर भरोसा नहीं जताया था और अंतरिम राहत जारी रखते हुए उनका पासपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया था।

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