सुप्रीम कोर्ट में वन केस, वन डाटा प्रणाली शुरू, अब देशभर की अदालतों का रिकॉर्ड होगा एकीकृत

Update: 2026-05-11 06:50 GMT

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को वन केस, वन डाटा प्रणाली की शुरुआत की। इस नई व्यवस्था का उद्देश्य देशभर की अदालतों के मामलों से जुड़ा डाटा एकीकृत कर न्यायिक प्रक्रिया को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाना है।

चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) सूर्यकांत ने इस पहल की घोषणा करते हुए कहा कि पहली बार सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट, जिला अदालतों और तहसील स्तर की अदालतों का डाटा एक-दूसरे से जुड़ सकेगा।

उन्होंने कहा,

“यह पहल अदालत की केस प्रबंधन प्रणाली को मजबूत करने के लिए शुरू की गई। पहली बार ऐसा हो रहा है कि पूरा डाटा एकीकृत होगा। सुप्रीम कोर्ट में बैठकर अब जिला और तहसील अदालतों तक के मामलों की पूरी जानकारी उपलब्ध होगी और ट्रायल कोर्ट्स को भी यहां की जानकारी से सीधी कनेक्टिविटी मिलेगी।”

चीफ जस्टिस ने बताया कि इस प्रणाली के जरिए विभिन्न अदालतों के डाटाबेस से स्वतः जानकारी प्राप्त की जा सकेगी और मामलों से संबंधित सूचनाओं का ऑनलाइन सत्यापन तेज और आसान होगा।

उन्होंने कहा कि हाइकोर्ट्स और सरकारी विभागों को भी आवश्यकता पड़ने पर मामलों से जुड़ी जानकारी तक पारस्परिक पहुंच उपलब्ध कराई जाएगी।

चीफ जस्टिस ने कहा,

“यह नया सिस्टम डाटा की शुद्धता, पारदर्शिता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करेगा।”

इसी के साथ सुप्रीम कोर्ट ने सू-सहाय नामक असिस्टेंट चैटबॉट भी लॉन्च किया। इसे राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री के सहयोग से विकसित किया।

यह चैटबॉट अदालत से जुड़े पक्षकारों और वकीलों को मामलों की जानकारी प्राप्त करने तथा न्यायिक सेवाओं तक आसानी से पहुंच बनाने में मदद करेगा।

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