उन्नाव कांड : CJI ने बलात्कार पीड़िता की मां की चिट्ठी को देने में देरी पर रजिस्ट्री से रिपोर्ट मांगी

Update: 2019-07-31 05:26 GMT

भारत के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई ने उन्नाव बलात्कार पीड़िता के परिवार द्वारा भेजे गए धमकी से सुरक्षा की मांग वाले पत्र को आगे बढ़ाने में देरी को लेकर सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री से रिपोर्ट मांगी है।

देरी जानबूझकर नहीं की गयी: रिपोर्ट

टेलीग्राफ की रिपोर्ट के अनुसार 12 जुलाई को भेजा गया पत्र मंगलवार दोपहर तक CJI गोगोई के कार्यालय में नहीं पहुंचा था। सूत्रों का हवाला देते हुए रिपोर्ट में यह कहा गया है कि देरी को जानबूझकर नहीं किया जा सकता क्योंकि रजिस्ट्री को प्रतिदिन CJI और अन्य SC जजों को संबोधित सैकड़ों पत्र मिलते हैं।

पत्र में की गयी सुरक्षा प्रदान करने की मांग

12 जुलाई को लिखे गए पत्र में बलात्कार पीड़िता के परिवार ने यह शिकायत की थी कि उन्हें आरोपियों के लोगों की धमकियों का सामना करना पड़ रहा है और पर्याप्त सुरक्षा प्रदान करने की गुहार लगाई गई थी। पत्र में यह कहा गया है कि आपराधिक धमकी और हमलावरों की तस्वीरों की एक वीडियो-रिकॉर्डिंग पत्र के साथ संलग्न की गई हैं।

बलात्कार पीड़िता हुई सड़क दुर्घटना का शिकार

रविवार को बलात्कार पीड़िता रायबरेली में एक सड़क दुर्घटना का शिकार हो गई जब एक ट्रक उनकी कार में घुस गया, जिससे उसकी चाची और मौसी की मौत हो गई और वकील और वो खुद गंभीर रूप से घायल हो गए। विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर इस सिलसिले में हत्या और आपराधिक साजिश रचने का केस दर्ज किया गया है।

ट्रांसफर याचिका में सेंगर को नोटिस जारी करने में देरी?

रिपोर्ट में आगे यह भी कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री ने कुलदीप सिंह सेंगर को बलात्कार पीड़िता की मां द्वारा दायर याचिका में नोटिस जारी करने में देरी की जिसमें आरोपियों के डर का हवाला देते हुए मुकदमे की सुनवाई को उन्नाव से दिल्ली में स्थानांतरित करने की मांग की गई है।

जस्टिस एस. ए. बोबड़े और एस. अब्दुल नज़ीर की पीठ ने 16 अप्रैल को सीबीआई और 14 उत्तरदाताओं को नोटिस जारी किए थे जिसमें भाजपा विधायक भी शामिल था।

अबतक मामला नहीं आया सुनवाई हेतु सामने

सामान्य तरीके से इस मामले को 4 या 6 सप्ताह के बाद सूचीबद्ध किया जाना चाहिए था लेकिन यह मामला आज तक सुनवाई के लिए नहीं आया है। सुप्रीम कोर्ट के रजिस्ट्री कर्मचारियों ने अप्रैल में जारी नोटिस की प्रतियां 28 जून तक नहीं भेजी थीं, टेलीग्राफ की रिपोर्ट में यह कहा गया है।

यह आरोप है कि यूपी विधानसभा में बांगरमऊ का प्रतिनिधित्व करने वाले 4 बार के विधायक सेंगर ने वर्ष 2017 में अपने घर पर किशोरी के साथ बलात्कार किया था। इसके बाद लखनऊ में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आवास के बाहर से 13 अप्रैल, 2018 को सेंगर को गिरफ्तार किया गया था।

पिता की पुलिस हिरासत में हो चुकी है मृत्यु

इससे पहले बलात्कार पीड़िता के पिता को आर्म्स एक्ट के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था और हिरासत में कथित रूप से यातना के कारण उनकी मृत्यु हो गई। मामले के एक प्रमुख गवाह की भी रहस्यमय परिस्थितियों में मृत्यु हो गई थी।


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