कलकत्ता हाईकोर्ट ने अखिल भारतीय तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बैंक अकाउंट फ्रीज किए जाने को चुनौती देने वाली याचिका पर तत्काल सुनवाई करने से इनकार किया। सीनियर एडवोकेट किशोर दत्ता ने मामले की तात्कालिक सुनवाई का अनुरोध किया, लेकिन अदालत ने कहा कि मामले की सुनवाई नियमानुसार होगी क्योंकि यह पहले से ही वाद सूची में शामिल है।

मामले का उल्लेख करते हुए सीनियर एडवोकेट किशोर दत्ता ने अदालत से कहा,

"यदि इस मामले को प्राथमिकता दी जा सके तो यह एक राजनीतिक दल के बैंक अकाउंट फ्रीज किए जाने का मामला है। यह अत्यंत जरूरी है।"

इस पर हाईकोर्ट ने कहा कि मामला वाद सूची में है और उसकी सुनवाई नियत क्रम में की जाएगी।

केंद्र सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि उन्हें इस मामले के दस्तावेज एक दिन पहले ही प्राप्त हुए हैं, इसलिए निर्देश प्राप्त करने के लिए कुछ समय दिया जाए।

उन्होंने अदालत से कहा,

"क्या इसे परसों लिया जा सकता है?"

साथ ही उन्होंने बताया कि अगले दिन उन्हें व्यक्तिगत कारणों से कठिनाई होगी और आवश्यकता पड़ने पर उनकी ओर से एडिशनल एडवोकेट जनरल अदालत में उपस्थित हो सकते हैं।

हालांकि, हाईकोर्ट ने सुनवाई के लिए कोई निश्चित तारीख तय करने से इनकार करते हुए कहा,

"मैं कोई तारीख तय नहीं करूंगा, इसे नियमानुसार आने दें।"

अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि मामला वाद सूची में अपने वर्तमान स्थान पर ही बना रहेगा। साथ ही कहा कि यदि तुषार मेहता की अनुपस्थिति में मामला सुनवाई के लिए बुलाया जाता है, तो उनके जूनियर वकील समय की मांग कर सकते हैं।

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