महुआ मोइत्रा की सुरक्षा याचिका पर तत्काल राहत से हाईकोर्ट का इनकार, 29 जुलाई को होगी अगली सुनवाई
कलकत्ता हाईकोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा की उस याचिका पर तत्काल राहत देने से इनकार किया, जिसमें उन्होंने कथित भीड़ के हमले और अंडे फेंके जाने की घटनाओं के बाद पुलिस सुरक्षा की मांग की है।
हाईकोर्ट ने कहा कि मामले में पहले ही FIR दर्ज की जा चुकी है और उन्हें सुरक्षा भी प्रदान की जा चुकी है।
जस्टिस सौगत भट्टाचार्य की अदालत में महुआ मोइत्रा की ओर से सीनियर एडवोकेट कल्याण बंदोपाध्याय ने पक्ष रखा।
उन्होंने अदालत को बताया कि सार्वजनिक कार्यक्रमों के दौरान महुआ मोइत्रा को लगातार निशाना बनाया जा रहा है और पुलिस पर्याप्त एहतियाती कदम नहीं उठा रही है।
उन्होंने कहा,
"उन्हें लगातार अपमानित किया जा रहा है उन पर हर जगह अंडे फेंके जा रहे हैं। पुलिस कोई प्रभावी कदम नहीं उठा रही है। वह सांसद के रूप में अपने कर्तव्यों का निर्वहन नहीं कर पा रही हैं।"
याचिकाकर्ता की ओर से आग्रह किया गया कि महुआ मोइत्रा को बिना किसी डर के अपने सार्वजनिक दायित्व निभाने के लिए तत्काल सुरक्षा दी जाए।
हालांकि हाईकोर्ट ने कहा कि इस मामले में एक दिन पहले ही सुरक्षा प्रदान की जा चुकी है और राज्य सरकार ने अदालत से समय मांगा है।
अदालत ने कहा,
"सुरक्षा पहले ही दी जा चुकी है। राज्य ने समय मांगा है।"
जब व सीनियर एडवोकेट ने तत्काल सुनवाई पर जोर दिया तो अदालत ने दोहराया कि घटना के संबंध में FIR भी दर्ज हो चुकी है और सुरक्षा भी उपलब्ध कराई गई।
पीठ ने कहा,
FIR दर्ज हो चुकी है और सुरक्षा भी दी जा चुकी है।"
इसके बाद अदालत ने तत्काल सुनवाई से इनकार करते हुए कहा,
"जब मामला दर्ज हो चुका है तो यह इतना अत्यावश्यक नहीं है। आप कुछ समय प्रतीक्षा कर सकते हैं।"
हाईकोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 29 जुलाई की तारीख तय की।