NEET-UG 2026 आवेदन पोर्टल दोबारा खोलने से आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट का इनकार, कहा- समयसीमा का सख्ती से पालन जरूरी
आंध्रप्रदेश हाईकोर्ट ने NEET-UG 2026 के आवेदन पोर्टल को दोबारा खोलने या वैकल्पिक माध्यम से आवेदन स्वीकार करने की मांग वाली याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने कहा कि सार्वजनिक नोटिस और सूचना पुस्तिका में तय समयसीमा का सख्ती से पालन किया जाना चाहिए और मानवीय आधार पर इसमें हस्तक्षेप नहीं किया जा सकता।
चीफ़ जस्टिस लीसा गिल और जस्टिस निनाला जयसूर्या की खंडपीठ ने यह फैसला सुनाया।
याचिकाकर्ता छात्रों ने कहा था कि उन्होंने आवेदन जमा करने का काम कॉलेज से जुड़े एक कंप्यूटर/DTP ऑपरेटर को सौंपा था, जिसने पैसे लेने के बावजूद आवेदन जमा नहीं किए। छात्रों को इस धोखाधड़ी का पता तब चला जब दूसरे परीक्षा के फर्जी हॉल टिकट का मामला सामने आया और पुलिस शिकायत दर्ज हुई।
छात्रों ने दलील दी कि उनकी कोई गलती नहीं थी और उन्हें NEET-UG 2026 में शामिल होने का मौका मिलना चाहिए। वहीं, प्रतिवादियों ने कहा कि आवेदन की समयसीमा 11 मार्च 2026 तक बढ़ाई गई थी और छात्रों की जिम्मेदारी थी कि वे आवेदन जमा होने की पुष्टि करें।
हाईकोर्ट ने कहा कि यह स्वीकार तथ्य है कि छात्रों ने निर्धारित समयसीमा के भीतर आवेदन जमा नहीं किए। कोर्ट ने माना कि किसी तीसरे व्यक्ति पर निर्भर रहने के बावजूद छात्रों को यह सत्यापित करना चाहिए था कि आवेदन सफलतापूर्वक जमा हुआ या नहीं।
कोर्ट ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं की समयसीमा में ढील देने से पूरी परीक्षा प्रक्रिया और उसकी पवित्रता प्रभावित होगी। इसलिए केवल कठिनाई या मानवीय आधार पर राहत नहीं दी जा सकती।
इसी के साथ कोर्ट ने याचिका को निराधार बताते हुए खारिज कर दिया।