इलाहाबाद हाईकोर्ट के समक्ष आवेदन दायर किया गया, जिसमें मथुरा अदालत के दिसंबर, 2022 के आदेश को लागू करने की मांग की गई। इसमें सिविल कोर्ट अमीन (जिन्हें अदालत के अधिकारी भी कहा जाता है) को विवादित स्थल का दौरा करने और सर्वेक्षण करने और श्री कृष्ण जन्मस्थान-शाही ईदगाह विवाद के संबंध में रिपोर्ट (मानचित्र के साथ) प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया।

यह आवेदन भगवान बाल श्रीकृष्ण विराजमान ठाकुर केशव देव जी ने अपने अगले मित्र और हिंदू सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु गुप्ता के माध्यम से शाही ईदगाह परिसर पर कब्जा करने और वहां स्थित वर्तमान संरचना को ध्वस्त करने की मांग को लेकर हाईकोर्ट के समक्ष लंबित मुकदमे में दायर किया।

आवेदन में कहा गया कि 8 दिसंबर, 2022 और फिर 29 मार्च, 2023 को मथुरा कोर्ट द्वारा विवादित संपत्ति के स्पॉट इंस्पेक्शन के आदेश पारित किए गए। हालांकि, इसका अनुपालन नहीं किया गया। हालांकि ऐसे आदेशों को न तो वापस लिया गया और न ही हाईकोर्ट या किसी अपर कोर्ट द्वारा रोक लगा दी गई।

इस पृष्ठभूमि में हाईकोर्ट के समक्ष आवेदन में कोर्ट अमीन के माध्यम से स्पॉट इंस्पेक्शन के उक्त आदेश को लागू करने की मांग की गई, जैसा कि मथुरा में स्थानीय न्यायालय द्वारा पहले से ही आवश्यक है।

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