राजस्थान हाईकोर्ट ने जोधपुर स्थित राज्य सिविल सेवा अपीलीय न्यायाधिकरण में 30 नवंबर, 2026 तक या उससे पहले प्रशासनिक सदस्य की नियुक्ति करने का निर्देश दिया। यदि ऐसा नहीं होता है तो कार्मिक विभाग के मुख्य सचिव को सुनवाई की अगली तारीख पर अदालत के समक्ष उपस्थित रहने का आदेश दिया गया।

जस्टिस विनीत कुमार माथुर और जस्टिस चंद्र शेखर शर्मा की खंडपीठ ने इस तथ्य पर गौर किया कि अदालत द्वारा पूर्व में कई आदेश पारित किए जाने के बावजूद, अब तक कोई नियुक्ति नहीं की गई।

वकील ने बताया कि न्यायाधिकरण के समक्ष सेवा संबंधी मामले जमा होते जा रहे हैं, क्योंकि प्रशासनिक सदस्यों की अनुपस्थिति के कारण न्यायाधिकरण लगभग निष्क्रिय पड़ा है।

इस पृष्ठभूमि में अदालत ने कहा,

"इन परिस्थितियों में प्रतिवादियों को निर्देश दिया जाता है कि वे जोधपुर स्थित राजस्थान सिविल सेवा अपीलीय न्यायाधिकरण में 30 नवंबर, 2026 तक या उससे पहले एक प्रशासनिक सदस्य की नियुक्ति करें। यदि ऐसा नहीं किया जाता है तो राजस्थान के मुख्य सचिव/कार्मिक विभाग (DoP) के अतिरिक्त मुख्य सचिव को सुनवाई की अगली तारीख पर इस अदालत के समक्ष उपस्थित रहना होगा।"

इस मामले की अगली सुनवाई 3 दिसंबर को होगी।

Case Title : Rajasthan High Court Advocates Association v the State of Rajasthan

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