ब्रिटिश नागरिकता: इलाहाबाद हाईकोर्ट का राहुल गांधी के खिलाफ दिया FIR आदेश

Update: 2026-04-17 14:19 GMT

एक अहम आदेश में इलाहाबाद हाईकोर्ट (लखनऊ बेंच) ने आज लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष (LoP) राहुल गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने और जांच करने का निर्देश दिया। यह आदेश एक भारतीय जनता पार्टी (BJP) कार्यकर्ता की याचिका के संबंध में दिया गया, जिसमें राहुल गांधी की कथित ब्रिटिश नागरिकता का आरोप लगाया गया।

जस्टिस सुभाष विद्यार्थी की बेंच ने इस तरह लखनऊ कोर्ट का आदेश रद्द किया, जिसमें गांधी के खिलाफ FIR दर्ज करने से इनकार किया गया था।

गौरतलब है कि इस साल जनवरी में लखनऊ की ACJM अदालत ने गांधी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता, सरकारी गोपनीयता अधिनियम, पासपोर्ट अधिनियम और विदेशी अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों के तहत FIR दर्ज करने की मांग वाली याचिका खारिज की थी। उस आदेश के खिलाफ कर्नाटक के BJP कार्यकर्ता विग्नेश शिशिर ने हाईकोर्ट का रुख किया।

हाईकोर्ट के सामने याचिकाकर्ता (शिशिर) ने दलील दी कि गांधी ब्रिटेन के नागरिक हैं और उन्होंने M/S Backops Ltd. नाम की एक कंपनी बनाई, जो अगस्त 2003 में रजिस्टर्ड हुई।

आगे यह भी कहा गया कि गांधी ने साफ तौर पर स्वीकार किया और स्वेच्छा से अपनी नागरिकता ब्रिटिश घोषित की थी; उनके पास डायरेक्टर आइडेंटिफिकेशन ID थी और लंदन तथा हैम्पशायर के पते थे।

यह भी दावा किया गया कि गांधी ने अक्टूबर, 2005 और अक्टूबर, 2006 में कंपनी का सालाना रिटर्न जमा किया, जिसमें उन्होंने अपनी नागरिकता ब्रिटिश बताई। इसके बाद फरवरी, 2009 में कंपनी को भंग करने की अर्जी दाखिल करके उसे भंग कर दिया गया।

इसके अलावा, यह भी कहा गया कि गांधी ने 2004 का लोकसभा चुनाव लड़ा था, जिसमें उन्होंने M/S Backops Ltd. के मालिकाना हक और Barclays Bank, लंदन ब्रांच, UK में अपने विदेशी बैंक खाते की बात स्वीकार की थी और उसका खुलासा किया।

शिशिर ने आगे यह तर्क दिया कि गांधी पर विदेशी अधिनियम, पासपोर्ट अधिनियम और यहां तक ​​कि सरकारी गोपनीयता अधिनियम के तहत भी आरोप लगाए जाने चाहिए।

Advocate Vindeshwari Pandey assisted applicant Shishir.

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