HPNLU शिमला ने ट्रायल एडवोकेसी कॉम्पिटिशन 2025 के तहत “BNSS, 2023 के तहत चार्जशीट” पर विशेष वर्कशॉप आयोजित की

  • HPNLU शिमला ने ट्रायल एडवोकेसी कॉम्पिटिशन 2025 के तहत “BNSS, 2023 के तहत चार्जशीट” पर विशेष वर्कशॉप आयोजित की

    हिमाचल प्रदेश नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी (HPNLU) शिमला के क्लिनिकल लीगल एजुकेशन सेंटर ने माननीय कुलपति प्रोफेसर (डॉ.) प्रीति सक्सेना के नेतृत्व में “BNSS, 2023 के तहत चार्जशीट: प्रैक्टिस और प्रोसीजर” विषय पर एक प्रमुख वर्कशॉप आयोजित की। यह सेशन HPNLU ट्रायल एडवोकेसी कॉम्पिटिशन 2025 का अहम हिस्सा था और इसका उद्देश्य छात्रों को भारतीय आपराधिक न्याय प्रणाली की व्यावहारिक प्रक्रियाओं और फील्ड-आधारित समझ प्रदान करना था।

    वर्कशॉप में एडवोकेट कपिल मोहन गौतम, डिस्ट्रिक्ट अटॉर्नी, शिमला ने विषय विशेषज्ञ के रूप में सहभागिता की। उन्होंने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 के तहत चार्जशीट की संरचना, तैयारी की प्रक्रिया और उसके कानूनी महत्व पर विस्तृत रूप से प्रकाश डाला। उनके व्यावहारिक अनुभव पर आधारित मार्गदर्शन से प्रतिभागियों को जांच से लेकर ट्रायल तक की पूरी प्रक्रिया की वास्तविक समझ प्राप्त हुई।

    सत्र के दौरान उन्होंने BNSS के लागू होने के बाद उभरते नए प्रोसिजरल स्टैंडर्ड्स, तथा इन्वेस्टिगेशन-टू-ट्रायल फ्रेमवर्क में आए बदलावों पर भी चर्चा की।

    यह वर्कशॉप HPNLU शिमला की एक्सपीरिएंशियल लर्निंग को बढ़ावा देने और अकादमिक–प्रोफेशनल सहयोग को मजबूत करने की प्रतिबद्धता का उत्कृष्ट उदाहरण रही। इससे छात्रों की एडवोकेसी स्किल्स, लीगल ड्राफ्टिंग, और क्रिमिनल प्रोसिजर की समझ और अधिक सुदृढ़ हुई।

    इस कार्यक्रम का आयोजन क्लिनिकल लीगल एजुकेशन सेंटर के चेयरपर्सन प्रोफेसर (डॉ.) गिरजेश शुक्ला द्वारा किया गया।

    Praveen Mishra

    प्रवीण मिश्रा Law Graduate हैं और लाइव लॉ हिंदी से जुड़े हैं। वे सुप्रीम कोर्ट, उच्च न्यायालयों, उपभोक्ता आयोगों और अन्य न्यायिक मंचों के महत्वपूर्ण फैसलों एवं कानूनी घटनाक्रमों पर लेखन करते हैं। उनका उद्देश्य जटिल कानूनी विषयों और न्यायिक निर्णयों को सरल, सटीक और तथ्यपरक भाषा में हिंदी पाठकों तक पहुंचाना है।

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