बैंक सेवानिवृत्त कर्मचारी के पेंशन खाते से एकतरफा राशि नहीं काट सकता: उड़ीसा हाईकोर्ट

  • बैंक सेवानिवृत्त कर्मचारी के पेंशन खाते से एकतरफा राशि नहीं काट सकता: उड़ीसा हाईकोर्ट

    उड़ीसा हाईकोर्ट ने कहा है कि किसी बैंक को यह अधिकार नहीं है कि वह सेवानिवृत्त कर्मचारी के पेंशन खाते से एकतरफा पैसा काट ले सिर्फ इसलिए कि उसने किसी ऋण के लिए गारंटी दी थी।

    जस्टिस संजीब कुमार पाणिग्रही ने कहा कि पेंशन खाते से बिना नोटिस या सुनवाई के पैसा काटना प्राकृतिक न्याय के खिलाफ है। बैंक को कम से कम कारण बताने का अवसर देना चाहिए था।

    मामला एक सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी से जुड़ा था, जिसने अपनी पत्नी के वाहन और कार ऋणों में गारंटर के रूप में हस्ताक्षर किए थे। फरवरी 2024 में बैंक ने उनके और पत्नी के संयुक्त खाते से 5 लाख रुपये काट लिए और ऋण चुकाने में इस्तेमाल कर दिए। याचिकाकर्ता ने पैसा वापस करने की मांग की, लेकिन बैंक ने जवाब नहीं दिया।

    अदालत ने कहा कि पेंशन अर्जित अधिकार है, इसे बिना कानूनी अनुमति छीना नहीं जा सकता। जब ऋण किसी एक व्यक्ति का है, तो बैंक किसी सह-खाताधारक के खाते से पैसा नहीं ले सकता।

    अदालत ने बैंक को ₹5,00,000 चार सप्ताह में याचिकाकर्ता के खाते में वापस करने का आदेश दिया, लेकिन बैंक को बकाया ऋण वसूलने का कानूनी अधिकार भी दिया।

    Praveen Mishra

    प्रवीण मिश्रा Law Graduate हैं और लाइव लॉ हिंदी से जुड़े हैं। वे सुप्रीम कोर्ट, उच्च न्यायालयों, उपभोक्ता आयोगों और अन्य न्यायिक मंचों के महत्वपूर्ण फैसलों एवं कानूनी घटनाक्रमों पर लेखन करते हैं। उनका उद्देश्य जटिल कानूनी विषयों और न्यायिक निर्णयों को सरल, सटीक और तथ्यपरक भाषा में हिंदी पाठकों तक पहुंचाना है।

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