हेट स्पीच मामलों में स्वतः FIR न दर्ज करना अवमानना नहीं: सुप्रीम कोर्ट

Praveen Mishra

5 May 2026 3:41 PM IST

  • हेट स्पीच मामलों में स्वतः FIR न दर्ज करना अवमानना नहीं: सुप्रीम कोर्ट

    सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि हेट स्पीच के मामलों में पुलिस द्वारा स्वतः (suo motu) FIR दर्ज न करना अपने-आप में अदालत की अवमानना नहीं माना जाएगा। अदालत ने कहा कि यदि याचिकाकर्ता ने पहले पुलिस या संबंधित प्राधिकरण के पास शिकायत ही नहीं की, तो अवमानना कार्यवाही शुरू नहीं की जा सकती।

    जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की खंडपीठ ने यह टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा कि बिना किसी शिकायत या साक्ष्य के यह मान लेना कि पुलिस ने जानबूझकर आदेशों की अवहेलना की है, उचित नहीं है।

    पीठ ने कहा कि 21 अक्टूबर 2022 और 28 अप्रैल 2023 के आदेशों का उद्देश्य केवल अधिकारियों को उनके वैधानिक कर्तव्यों की याद दिलाना था, न कि हर मामले में स्वतः FIR दर्ज करने का अनिवार्य निर्देश देना। अदालत ने स्पष्ट किया कि अवमानना लागू करने के लिए यह दिखाना जरूरी है कि पुलिस को संज्ञेय अपराध की जानकारी होने के बावजूद उसने कार्रवाई करने में “हिचकिचाहट” दिखाई।

    कोर्ट ने यह भी कहा कि यदि याचिकाकर्ता ने संबंधित अधिकारियों से संपर्क ही नहीं किया या कोई सामग्री उनके सामने नहीं रखी, तो अवमानना का आरोप नहीं लगाया जा सकता।

    सुप्रीम कोर्ट ने सामान्य दिशा-निर्देश जारी करने से इनकार करते हुए कहा कि अपराध तय करना विधायिका का क्षेत्राधिकार है। साथ ही, अदालत ने माना कि हेट स्पीच से निपटने के लिए मौजूदा कानून पर्याप्त हैं और किसी बदलाव की आवश्यकता है या नहीं, यह केंद्र और राज्यों के विवेक पर निर्भर करेगा।

    अंत में, कोर्ट ने दोनों अवमानना याचिकाओं का निपटारा कर दिया।

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