DMF घोटाला मामले में पूर्व IAS अधिकारी अनिल टुटेजा को सुप्रीम कोर्ट से जमानत
Praveen Mishra
18 May 2026 4:17 PM IST

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को छत्तीसगढ़ के पूर्व IAS अधिकारी अनिल टुटेजा को जिला खनिज निधि (DMF) घोटाला मामले में जमानत दे दी।
चीफ जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने कहा कि टुटेजा अप्रैल 2024 से हिरासत में हैं और मामले का ट्रायल जल्द पूरा होने की संभावना नहीं है।
राज्य सरकार ने जमानत का कड़ा विरोध करते हुए दावा किया कि टुटेजा राज्य के कई बड़े घोटालों—जैसे शराब घोटाला, NAN घोटाला और DMF घोटाले—के मुख्य साजिशकर्ता हैं। राज्य ने यह भी आरोप लगाया कि वह गवाहों को प्रभावित करने, सबूतों से छेड़छाड़ करने और न्यायिक प्रक्रिया को प्रभावित करने का इतिहास रखते हैं।
हालांकि, टुटेजा की ओर से दलील दी गई कि इन आरोपों पर पहले भी विचार हो चुका है और सुप्रीम कोर्ट उन्हें अन्य मामले में जमानत दे चुका है। कोर्ट ने कहा कि आरोप गंभीर हैं, लेकिन उनका परीक्षण ट्रायल के दौरान होगा।
सुप्रीम कोर्ट ने जमानत देते हुए कुछ सख्त शर्तें लगाईं। कोर्ट ने निर्देश दिया कि टुटेजा छत्तीसगढ़ से बाहर रहेंगे और रिहाई के एक सप्ताह के भीतर अपना पता और संपर्क विवरण एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) तथा संबंधित पुलिस स्टेशन को देंगे। साथ ही उन्हें हर सुनवाई में अदालत में उपस्थित होना होगा और गवाहों को प्रभावित करने या सबूतों से छेड़छाड़ नहीं करनी होगी।
अभियोजन के अनुसार, 2019 से 2022 के बीच उद्योग विभाग में अतिरिक्त सचिव रहते हुए टुटेजा ने अपने पद का दुरुपयोग कर DMF फंड के आवंटन और कार्यों में हेरफेर किया था।

