आउटसोर्स कर्मचारी को विभाग सीधे नहीं कर सकता बर्खास्त: राजस्थान हाईकोर्ट का अहम फैसला
Amir Ahmad
20 April 2026 1:33 PM IST

राजस्थान हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी सरकारी विभाग में आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से कार्यरत कर्मचारी को विभाग स्वयं सीधे बर्खास्त नहीं कर सकता। ऐसे मामलों में विभाग केवल संबंधित एजेंसी को कार्रवाई के लिए अनुशंसा कर सकता है।
जस्टिस मुनुरी लक्ष्मण की पीठ यह मामला सुन रही थी, जिसमें याचिकाकर्ता पंचायत राज विभाग के राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान के तहत ई-गवर्नेंस में राज्य समन्वयक के रूप में कार्यरत था। उसकी नियुक्ति एक आउटसोर्सिंग एजेंसी के माध्यम से हुई थी लेकिन विभाग ने सीधे उसके सेवाएं समाप्त कीं।
अदालत ने पाया कि याचिकाकर्ता का वास्तविक नियोक्ता आउटसोर्सिंग एजेंसी थी, न कि संबंधित सरकारी विभाग। इसके बावजूद विभाग ने उसे अपना कर्मचारी मानते हुए सीधे बर्खास्त कर दिया जो विधि सम्मत नहीं है।
अदालत ने कहा,
“यदि विभाग को कर्मचारी के कार्य को लेकर कोई शिकायत है तो वह केवल संबंधित आउटसोर्सिंग एजेंसी को अवगत करा सकता है। उससे उचित कार्रवाई करने का अनुरोध कर सकता है। विभाग स्वयं कर्मचारी को हटाने का अधिकार नहीं रखता।”
हाईकोर्ट ने विभाग की इस कार्रवाई को गलत ठहराते हुए बर्खास्तगी आदेश निरस्त किया। साथ ही मामले को पुनः संबंधित अधिकारी के पास भेजते हुए निर्देश दिया कि वह अपनी शिकायत आउटसोर्सिंग एजेंसी के समक्ष रखे, जो इस पर कानून के अनुसार निर्णय लेगी।
यह फैसला आउटसोर्स कर्मचारियों के अधिकारों की सुरक्षा के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

