सावरकर पर क्विज सवाल को लेकर शिक्षक निलंबित, केरल हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब

Praveen Mishra

13 Aug 2026 4:17 PM IST

  • सावरकर पर क्विज सवाल को लेकर शिक्षक निलंबित, केरल हाईकोर्ट ने सरकार से मांगा जवाब

    केरल हाईकोर्ट ने स्वतंत्रता सेनानियों पर आयोजित एक क्विज में वी.डी. सावरकर का नाम उत्तर के रूप में शामिल करने के कारण निलंबित किए गए शिक्षक की याचिका पर राज्य सरकार से जवाब मांगा है।

    जस्टिस वीजू अब्राहम ने गुरुवार को सरकारी वकील को सरकार से निर्देश लेने और शिक्षक के निलंबन के कारणों से कोर्ट को अवगत कराने के लिए 17 अगस्त तक का समय दिया।

    क्या है पूरा मामला?

    याचिकाकर्ता गुरुप्रसाद राय के. एक शिक्षक हैं। उनकी देखरेख में तैयार किए गए क्विज में सवाल पूछा गया था— “किस स्वतंत्रता सेनानी को अंग्रेजों ने सबसे अधिक सजा दी थी?”

    इस सवाल का उत्तर 'वी.डी. सावरकर' दिया गया था।

    यह सवाल 6 अगस्त को कासरगोड जिले में आयोजित 'Social Science Club Freedom Quiz 2026' नामक अंतर-विद्यालय प्रतियोगिता के लिए तैयार किया गया था।

    क्विज में सावरकर का नाम शामिल किए जाने के बाद विवाद खड़ा हो गया। इसके बाद उप शिक्षा निदेशक (DDE) ने मामले की जांच की।

    याचिका के अनुसार, जांच और उसकी सिफारिश के आधार पर शिक्षक को निलंबित कर दिया गया और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने का प्रस्ताव रखा गया।

    शिक्षक ने हाईकोर्ट में दायर याचिका में निलंबन आदेश, आरोप-पत्र और DDE के पत्र को चुनौती दी है।

    उनका दावा है कि निलंबन का आदेश सामान्य शिक्षा विभाग के मंत्री के निर्देश पर जारी किया गया और यह केरल सरकार के Rules of Business का उल्लंघन है।

    उन्होंने यह भी तर्क दिया कि उनके खिलाफ की गई कार्रवाई Kerala Education Act के प्रावधानों के विपरीत है।

    शिक्षक ने हाईकोर्ट से निलंबन आदेश, आरोप-पत्र और DDE के पत्र को रद्द करने की मांग की है। यही राहत उन्होंने अंतरिम तौर पर भी मांगी है।

    हाईकोर्ट ने फिलहाल मामले में कोई अंतिम आदेश पारित नहीं किया है और राज्य सरकार से 17 अगस्त तक जवाब और निलंबन के कारणों की जानकारी मांगी है।

    Praveen Mishra

    Praveen Mishra

    प्रवीण मिश्रा Law Graduate हैं और लाइव लॉ हिंदी से जुड़े हैं। वे सुप्रीम कोर्ट, उच्च न्यायालयों, उपभोक्ता आयोगों और अन्य न्यायिक मंचों के महत्वपूर्ण फैसलों एवं कानूनी घटनाक्रमों पर लेखन करते हैं। उनका उद्देश्य जटिल कानूनी विषयों और न्यायिक निर्णयों को सरल, सटीक और तथ्यपरक भाषा में हिंदी पाठकों तक पहुंचाना है।

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