केरल वक्फ बोर्ड के गठन को फिर हाईकोर्ट में चुनौती, CPI(M) नेता की नियुक्ति पर भी उठे सवाल

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    केरल हाईकोर्ट में राज्य वक्फ बोर्ड के गठन को चुनौती देते हुए एक और जनहित याचिका (PIL) दायर की गई है। याचिका में CPI(M) नेता और पूर्व विधायक कुन्हाम्मद कुट्टी मास्टर की बोर्ड में नियुक्ति पर भी सवाल उठाए गए हैं।

    यह याचिका सेवानिवृत्त जूनियर वारंट ऑफिसर स्टालिन वी.एम. ने दायर की है। उनका कहना है कि राज्य सरकार ने 2 फरवरी 2026 के आदेश के जरिए वक्फ बोर्ड के 11 में से 9 सदस्यों की नियुक्ति की, लेकिन यह संशोधित वक्फ अधिनियम के प्रावधानों के अनुरूप नहीं है। याचिका में कहा गया है कि कानून के अनुसार बोर्ड में दो गैर-मुस्लिम सदस्यों के साथ-साथ शिया, सुन्नी, बोहरा, आगाखानी और अन्य पिछड़े मुस्लिम वर्गों का प्रतिनिधित्व भी सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

    याचिकाकर्ता ने यह भी कहा कि कुन्हाम्मद कुट्टी मास्टर को विधायक के रूप में नामित किया गया था, लेकिन विधानसभा चुनाव के बाद उनका विधायक पद समाप्त हो गया। इसके बावजूद वह अब भी वक्फ बोर्ड के सदस्य बने हुए हैं, जबकि उनकी नियुक्ति का आधार ही समाप्त हो चुका है।

    याचिका में राज्य सरकार को कानून के अनुसार वक्फ बोर्ड का पुनर्गठन करने, वर्तमान सदस्यों की नियुक्ति संबंधी सरकारी आदेश रद्द करने और बोर्ड द्वारा लिए गए सभी निर्णयों को निरस्त करने की मांग की गई है। साथ ही, अंतिम निर्णय तक बोर्ड को अपने वैधानिक अधिकारों का प्रयोग करने से रोकने की अंतरिम प्रार्थना भी की गई है।

    Praveen Mishra

    प्रवीण मिश्रा Law Graduate हैं और लाइव लॉ हिंदी से जुड़े हैं। वे सुप्रीम कोर्ट, उच्च न्यायालयों, उपभोक्ता आयोगों और अन्य न्यायिक मंचों के महत्वपूर्ण फैसलों एवं कानूनी घटनाक्रमों पर लेखन करते हैं। उनका उद्देश्य जटिल कानूनी विषयों और न्यायिक निर्णयों को सरल, सटीक और तथ्यपरक भाषा में हिंदी पाठकों तक पहुंचाना है।

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