NRI कोटा सीटों पर SC, ST, OBC आरक्षण लागू नहीं हो सकता: कर्नाटक हाईकोर्ट
Shahadat
29 Sept 2026 3:52 PM IST

कर्नाटक हाईकोर्ट की धारवाड़ बेंच ने कहा कि NEET-UG काउंसलिंग प्रोसेस में NRI (नॉन-रेसिडेंट इंडियन) कोटा सीटों पर SC (अनुसूचित जाति), ST (अनुसूचित जनजाति) या OBC (अन्य पिछड़ा वर्ग) का आरक्षण लागू नहीं किया जा सकता।
जस्टिस एम नागप्रसन्ना और जस्टिस हेमा कुलकर्णी की डिवीजन बेंच ने 18 साल की एक NEET-UG कैंडिडेट की याचिका खारिज की। कैंडिडेट ने NRI (स्पॉन्सर्ड) कैंडिडेट के तौर पर अप्लाई करने के बावजूद, चल रही NEET-UG काउंसलिंग प्रोसेस के दौरान अपना OBC स्टेटस बनाए रखने की इजाज़त मांगी थी।
बेंच ने कहा कि NRI सीटें 'अनरिज़र्व्ड कैटेगरी' (सामान्य श्रेणी) के तहत रिज़र्व होती हैं और काउंसलिंग के दौरान कैंडिडेट सिर्फ़ एक तरह के आरक्षण का विकल्प चुन सकता है।
कोर्ट ने कहा,
"NRI कोटा एक अलग कोटा है और 15% सीटें NRI के लिए रिज़र्व हैं। ऐसे आरक्षण की बारीकियां उस ब्रोशर में दी गईं, जो कानून के तहत नोटिफ़ाई किया गया। इसमें साफ़ तौर पर बताया गया कि NRI सिर्फ़ 'अनरिज़र्व्ड कैटेगरी' के तहत ही आ सकते हैं।"
कोर्ट ने आगे कहा,
"NEET-UG (MBBS/BDS/B.Sc. नर्सिंग) काउंसलिंग 2026 के इन्फॉर्मेशन बुलेटिन और काउंसलिंग स्कीम के 'फ़्रीक्वेंटली आस्क्ड क्वेश्चन' (FAQ) नंबर 36 पर ध्यान देना ज़रूरी है। इसमें कहा गया कि NRI कैंडिडेट्स को NRI कैटेगरी के लिए रिज़र्व सीटें दिखाई जाएंगी और एक कैंडिडेट सिर्फ़ एक तरह के आरक्षण का विकल्प चुन सकता है।"
हाईकोर्ट ने पाया कि याचिकाकर्ता, जिसे 48.33% मार्क्स मिले थे, NRI कोटा के तहत ज़रूरी कट-ऑफ़ मार्क्स हासिल नहीं कर पाई और सिर्फ़ एडमिशन पाने के लिए नियमों की नई व्याख्या (Re-Interpretation) की मांग कर रही थी।
कोर्ट ने कहा,
"याचिकाकर्ता चाहती है कि हम SC/ST/OBC या किसी अन्य कैटेगरी के आरक्षण को NRI पर भी लागू मानें ताकि उसे NRI-OBC कैटेगरी में एडमिशन मिल सके। यह दलील इसलिए नहीं मानी जा सकती क्योंकि याचिकाकर्ता न तो NRI कोटे (जो बिना आरक्षण वाला है) के लिए ज़रूरी न्यूनतम अंक ही हासिल कर पाई है, और न ही वह अब यह उम्मीद कर सकती है कि NRI कोटे में उसके लिए आरक्षण की व्यवस्था की जाए ताकि वह काउंसलिंग में शामिल हो सके।"
कोई ठोस आधार न मिलने पर हाई कोर्ट ने याचिका खारिज की।
Case: Juhi vs Union of India & others

