EMI और लोन का हवाला देकर बच्चों के भरण-पोषण से नहीं बच सकता पिता: गुजरात हाईकोर्ट

Praveen Mishra

8 May 2026 4:46 PM IST

  • EMI और लोन का हवाला देकर बच्चों के भरण-पोषण से नहीं बच सकता पिता: गुजरात हाईकोर्ट

    गुजरात हाईकोर्ट ने कहा है कि पिता अपने बच्चों के भरण-पोषण की जिम्मेदारी से केवल इस आधार पर बच नहीं सकता कि वह EMI या लोन चुका रहा है। अदालत ने स्पष्ट किया कि बच्चों के भोजन, कपड़े, आवास, इलाज और ट्यूशन जैसे खर्च उठाना पिता की कानूनी जिम्मेदारी है।

    जस्टिस गीता गोपी की अदालत एक ऐसे मामले की सुनवाई कर रही थी, जिसमें एक महिला ने अपने तीन नाबालिग ट्रिपलेट बच्चों के लिए भरण-पोषण राशि बढ़ाने की मांग की थी। पहले मजिस्ट्रेट कोर्ट ने पिता को ₹1800 प्रति माह देने का आदेश दिया था, लेकिन बाद में महिला ने धारा 127 CrPC के तहत राशि बढ़ाने की मांग की।

    फैमिली कोर्ट ने यह कहते हुए आवेदन खारिज कर दिया था कि बच्चों को सरकारी छात्रवृत्ति मिल रही है और मां की आय पिता से अधिक है। पिता ने हाईकोर्ट में भी दलील दी कि उसकी आय कम है और वह लोन व EMI चुका रहा है, इसलिए अतिरिक्त बोझ नहीं डाला जाना चाहिए।

    हाईकोर्ट ने कहा कि पिता की वित्तीय प्रतिबद्धताएं जैसे EMI या लोन भुगतान, बच्चों के भरण-पोषण की जिम्मेदारी को कम नहीं कर सकतीं। कोर्ट ने यह भी नोट किया कि मां अकेले तीनों बच्चों की शिक्षा और चिकित्सा खर्च उठा रही है।

    अदालत ने बच्चों के लिए भरण-पोषण राशि ₹1800 से बढ़ाकर ₹3000 प्रति माह कर दी और पिता को 16 जुलाई 2019 से यह राशि देने का निर्देश दिया।

    Praveen Mishra

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    प्रवीण मिश्रा Law Graduate हैं और लाइव लॉ हिंदी से जुड़े हैं। वे सुप्रीम कोर्ट, उच्च न्यायालयों, उपभोक्ता आयोगों और अन्य न्यायिक मंचों के महत्वपूर्ण फैसलों एवं कानूनी घटनाक्रमों पर लेखन करते हैं। उनका उद्देश्य जटिल कानूनी विषयों और न्यायिक निर्णयों को सरल, सटीक और तथ्यपरक भाषा में हिंदी पाठकों तक पहुंचाना है।

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