असम CM की पत्नी की FIR: गुवाहाटी हाईकोर्ट ने पवन खेड़ा को अग्रिम ज़मानत देने से किया इनकार
Shahadat
24 April 2026 10:49 AM IST

गुवाहाटी हाईकोर्ट ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की अग्रिम ज़मानत याचिका खारिज की। यह याचिका असम के CM हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी, रिनिकी भुइयां सरमा द्वारा दायर एक FIR के संबंध में थी, जिसमें रिनिकी पर कई पासपोर्ट रखने के आरोप लगाए गए थे।
जस्टिस पार्थिवज्योति सैकिया की बेंच ने 21 अप्रैल को दोनों पक्षों की विस्तृत सुनवाई के बाद अपना अंतिम आदेश सुरक्षित रख लिया था।
खेड़ा की ओर से पेश होते हुए सीनियर वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने दलील दी कि CM हिमंत ने खेड़ा के खिलाफ कथित तौर पर बयान दिया। साथ ही यह भी कहा कि CM का यह कदम राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित लगता है, खासकर आने वाले चुनावों के संदर्भ में।
सिंघवी ने ज़ोर देकर कहा,
"याचिकाकर्ता किस आधार पर निष्पक्ष व्यवहार की उम्मीद कर सकता है, जब मुख्यमंत्री खुद उसके पीछे पड़े हैं?"
उन्होंने यह भी कहा कि खेड़ा के भागने का कोई खतरा नहीं है, इसलिए उनकी गिरफ्तारी की कोई ज़रूरत नहीं है।
सीनियर वकील केएन चौधरी ने सिंघवी की दलीलों को दोहराया और खेड़ा के खिलाफ लगाए गए आरोपों को 'अपमानजनक' बताया।
उन्होंने कहा,
"इन आरोपों का तरीका, लहजा और उन्हें पेश करने का ढंग साफ तौर पर दिखाता है कि ये जान-बूझकर दुर्भावना से लगाए गए हैं।"
यह तर्क भी दिया गया कि ज़्यादा-से-ज़्यादा यह 'आपराधिक मानहानि' का मामला है, जिसे केवल निजी शिकायत के माध्यम से ही आगे बढ़ाया जा सकता है।
दूसरी ओर, असम के एडवोकेट जनरल देवजीत लोन सैकिया ने खेड़ा को किसी भी तरह की राहत देने का विरोध किया।
उन्होंने कहा कि यह कोई साधारण मानहानि का मामला नहीं है, क्योंकि इस मामले में दस्तावेज़ों और संपत्ति के कागज़ात (टाइटल डीड्स) को कथित तौर पर 'गढ़ने' का मामला शामिल है। उन्होंने आगे कहा कि इसमें मुख्य अपराध 'धोखाधड़ी' और 'जालसाज़ी' हैं।

