पांच साल से जेल में बंद आरोपी को दिल्ली हाईकोर्ट से जमानत, कहा- लंबी अंडरट्रायल कैद अनुच्छेद 21 का उल्लंघन

Amir Ahmad

7 May 2026 1:41 PM IST

  • पांच साल से जेल में बंद आरोपी को दिल्ली हाईकोर्ट से जमानत, कहा- लंबी अंडरट्रायल कैद अनुच्छेद 21 का उल्लंघन

    दिल्ली हाईकोर्ट ने अपहरण और हत्या के एक मामले में आरोपी को जमानत देते हुए कहा कि केवल परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर आधारित मामले में लंबे समय तक मुकदमे से पहले जेल में रखना संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत मिले त्वरित सुनवाई के अधिकार के खिलाफ है।

    जस्टिस अनुप जयराम भंभानी ने आरोपी रंजीत मेहतो को नियमित जमानत दी। वह वर्ष 2021 से जेल में बंद था। उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 364ए और 365 के तहत FIR दर्ज की गई। बाद में धारा 302 और 201 भी जोड़ी गईं।

    अभियोजन के अनुसार, श्याम मोहन शुक्ला का अपहरण कर फिरौती के लिए बंधक बनाया गया और बाद में उनकी हत्या कर दी गई। पुलिस का दावा था कि आरोपी की निशानदेही पर उसका शव एक झुग्गी से बरामद किया गया, जिसे कथित तौर पर आरोपी ने किराये पर लिया था।

    हाईकोर्ट में आरोपी की ओर से कहा गया कि पूरा मामला केवल परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर आधारित है। ऐसा कोई प्रत्यक्ष साक्ष्य नहीं है, जो उसे अपराध से सीधे जोड़ता हो। बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि पुलिस की कहानी पर संदेह इसलिए पैदा होता है, क्योंकि शव की बरामदगी आरोपी की औपचारिक गिरफ्तारी से पहले दिखाई गई।

    कोर्ट ने माना कि अभियोजन का मामला परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की कड़ी पर आधारित है। अदालत ने यह भी ध्यान में रखा कि आरोपी करीब पांच साल से न्यायिक हिरासत में है, जबकि अब तक अभियोजन पक्ष के 30 में से केवल 7 गवाहों की ही गवाही हो पाई।

    अदालत ने कहा,

    “आरोप निश्चित रूप से गंभीर हैं, लेकिन ऐसे मामले में जहां मुकदमा अभी शुरुआती चरण में है और मामला परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर आधारित है, वहां लंबे समय तक मुकदमे से पहले जेल में रखना संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत त्वरित सुनवाई की गारंटी के खिलाफ है।”

    कोर्ट ने भारत संघ बनाम के.ए. नजीब मामला में सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला भी दिया, जिसमें कहा गया कि त्वरित सुनवाई का अधिकार संरक्षित किया जाना चाहिए और अदालतों को देर होने से पहले हस्तक्षेप करना चाहिए।

    इन्हीं आधारों पर दिल्ली हाईकोर्ट ने आरोपी को शर्तों के साथ जमानत दी।

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