चुनावी कार्य में लगे अधिकारी का बिना अनुमति ट्रांसफर अवैध: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
Praveen Mishra
6 April 2026 12:55 PM IST

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने महत्वपूर्ण फैसला देते हुए कहा कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) कार्य में लगे अधिकारी का Election Commission of India की पूर्व अनुमति के बिना किया गया तबादला अवैध और मनमाना है।
चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस रवींद्र कुमार अग्रवाल की पीठ ने कहा कि Representation of the People Act, 1950 की धारा 13CC के तहत चुनावी कार्य में लगे अधिकारी उस अवधि में चुनाव आयोग के नियंत्रण में होते हैं, इसलिए उनका ट्रांसफर बिना अनुमति नहीं किया जा सकता।
क्या था मामला?
मामला एक अधिकारी से जुड़ा था, जो जनपद पंचायत बेरला (जिला बेमेतरा) में कार्यरत थे और साथ ही उन्हें अतिरिक्त रूप से असिस्टेंट इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर की जिम्मेदारी दी गई थी। वे मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य (SIR) में लगे हुए थे। इसी दौरान उनका तबादला कर दिया गया, जिसे उन्होंने हाईकोर्ट में चुनौती दी।
पक्षों के तर्क
अपीलकर्ता ने कहा कि ट्रांसफर आदेश पहले ही लागू हो चुका है और दोनों अधिकारियों ने कार्यभार संभाल लिया है, इसलिए इसमें हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए।
वहीं, याचिकाकर्ता ने तर्क दिया कि चुनावी कार्य के दौरान बिना चुनाव आयोग की अनुमति ट्रांसफर नियमों के खिलाफ है।
कोर्ट का फैसला
कोर्ट ने कहा कि Article 324 of the Constitution of India के तहत चुनाव आयोग को चुनावों पर पूर्ण नियंत्रण प्राप्त है और निष्पक्ष चुनाव संविधान की मूल संरचना का हिस्सा है।
कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि:
SIR कार्य में लगे अधिकारियों का ट्रांसफर बिना अनुमति नहीं हो सकता
सिर्फ आदेश लागू हो जाने से वह वैध नहीं हो जाता
कानून के खिलाफ दिया गया आदेश बाद में सही नहीं ठहराया जा सकता
अंततः कोर्ट ने सिंगल जज के फैसले को सही ठहराते हुए ट्रांसफर आदेश को अवैध माना और अपील खारिज कर दी।

