कोविड के कारण TET परीक्षा रद्द होने पर अभ्यर्थी को अनुकंपा नियुक्ति से वंचित नहीं किया जा सकता: छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट
Praveen Mishra
1 July 2026 7:25 PM IST

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने कहा है कि यदि कोविड-19 महामारी के कारण TET परीक्षा रद्द हो गई हो, तो निर्धारित अवधि के भीतर TET योग्यता प्राप्त न कर पाने के आधार पर किसी अभ्यर्थी को अनुकंपा नियुक्ति (Compassionate Appointment) से वंचित नहीं किया जा सकता। अदालत ने कहा कि जब देरी अभ्यर्थी की नहीं बल्कि प्रशासन की वजह से हुई हो, तो उसका नुकसान उम्मीदवार को नहीं उठाना चाहिए।
जस्टिस नरेश कुमार चंद्रवंशी ने यह फैसला उस याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया, जिसमें याचिकाकर्ता के पिता, जो सहायक शिक्षक (LB) थे, की 7 अप्रैल 2017 को मृत्यु के बाद अनुकंपा नियुक्ति का दावा किया गया था।
याचिकाकर्ता ने 2019 में D.El.Ed. की योग्यता प्राप्त कर ली थी और 22 मार्च 2020 को होने वाली TET परीक्षा के लिए आवेदन किया था। हालांकि, कोविड-19 महामारी के कारण परीक्षा रद्द हो गई। बाद में 9 जनवरी 2022 को आयोजित TET परीक्षा में वह सफल भी हो गया, लेकिन अधिकारियों ने यह कहते हुए उसका दावा खारिज कर दिया कि उसने निर्धारित तीन वर्ष की अवधि में आवश्यक योग्यता हासिल नहीं की।
हाईकोर्ट ने पाया कि रिकॉर्ड पर ऐसा कोई साक्ष्य नहीं है जिससे यह साबित हो कि 2017 से मार्च 2020 के बीच TET परीक्षा आयोजित हुई थी। अदालत ने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने कोविड-19 के कारण 15 मार्च 2020 से 28 फरवरी 2022 तक की अवधि को सीमाबद्धता (Limitation) की गणना से बाहर रखने का निर्देश दिया था और यही सिद्धांत इस मामले पर भी लागू होगा।
इन परिस्थितियों में हाईकोर्ट ने 6 दिसंबर 2022 का आदेश रद्द करते हुए संबंधित अधिकारियों को 45 दिनों के भीतर याचिकाकर्ता के अनुकंपा नियुक्ति के दावे पर कानून के अनुसार पुनर्विचार करने का निर्देश दिया।

