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COVID-19 महामारी के बीच कुंभ मेला: उत्तराखंड हाईकोर्ट ने अधिकारियों को SOP बनाने का निर्देश दिया

LiveLaw News Network
13 Jan 2021 6:39 AM GMT
COVID-19 महामारी के बीच कुंभ मेला: उत्तराखंड हाईकोर्ट ने अधिकारियों को SOP बनाने का निर्देश दिया
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कोरोना महामारी के बीच होने वाला कुंभ मेला को देखते हुए उत्तराखंड हाईकोर्ट ने सोमवार (11 जनवरी) को राज्य के अधिकारियों को मेला के आयोजन के तरीकों और साधनों पर चर्चा करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही अधिकारियों को मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) बनाने का भी निर्देश दिया गया है, जिससे कुंभ मेला 2021 के आयोजन में आने वाली समस्याओं का समाधान हो सके।

दरअसल, 27 फरवरी 2021 से कुंभ मेला शुरू होने वाला है। कोरोना के बीच में होने वाले कुंभ मेले के आयोजन और संचालन के संबंध में चिंताओं व्यक्त की गई हैं।

मुख्य न्यायाधीश राघवेंद्र सिंह चौहान और न्यायमूर्ति मनोज कुमार तिवारी ने केंद्र सरकार से कहा कि,

"महामारी के बीच होने वाला कुंभ मेला 2021 में आने वाली समस्याओं से निपटने के लिए केंद्र सरकार मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी करने के लिए कदम उठाए।"

कोर्ट के समक्ष उठाई गईं चिंताएं कोर्ट के समक्ष कई रिट याचिकाएं दायर की गई थीं। इन याचिकाओं में COVID-19 महामारी से निपटने के संबंध में चिंता जाहिर किया गया था।

याचिकाकर्ताओं के वकीलों ने अपनी चिंताएं व्यक्त करते हुए कहा कि,

"जब तक कोरोना महामारी नियंत्रण में नहीं आती और लोगों को सुरक्षित आवास प्रदान नहीं किए जाते हैं, तब तक कि "घाटों" पर एकत्रित होने वाले लोगों की संख्या को नियंत्रित करने की पूरी तरह से प्रशासन की जिम्मेदारी है। अगर ऐसा नहीं होता है तो साल 2021 का यह कुंभ मेला COVID-19 महामारी के प्रसार के लिए प्रजनन स्थल बन जाएगा।"

आगे कहा कि,

"चूंकि देश और विदेश के लोग कुंभ मेले में भाग लेते हैं, इसलिए COVID -19 के संक्रमण का तीर्थयात्रियों द्वारा देश के विभिन्न हिस्सों में प्रसार हो सकता है।"

इसलिए कहा गया कि लोगों को राज्य में प्रवेश करने और हरिद्वार तक पहुंचने के लिए सरकार द्वारा ठोस योजनाएं तैयार करने की आवश्यकता है।

इसके अलावा, यह भी कहा गया कि बड़ी आबादी को देखते हुए खासकर कोविड-19 महामारी के इस असामान्य समय में आई समस्याओं को हल करने के लिए ठोस निर्णय लेने की जरूरत है।

कोर्ट का अवलोकन

एडवोकेट जनरल ने राज्य द्वारा दायर हलफनामे पर कोर्ट को ध्यान देने के लिए आकर्षित किया।

कोर्ट ने कहा कि,

"हलफनामे में, संक्षेप में केवल यह निश्चित आश्वासन शामिल है कि कोविड-19 में बड़ी आबादी के प्रबंधन के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। हालांकि, आवश्यक डेटा स्पष्ट रूप से गायब है।"

इसलिए कोर्ट ने मुख्य सचिव, अतिरिक्त सचिव, जन स्वास्थ्य, हरिद्वार के जिलाधिकारी, मेला अधिकारी को एक बैठक बुलाने और "कुंभ मेला 2021" के आयोजन में आने वाली समस्याओं के समाधान के लिए जिन तरीकों और साधनों पर चर्चा करने की आवश्यकता है, उन पर चर्चा करने के लिए निर्देश दिया।

कोर्ट ने 13 जनवरी 2021 को कुंभ मेला के समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम उठाने के संबंध में होने वाली बैठक और बैठक में लिए गए निर्णय को एडवोकेट जनरल द्वारा कोर्ट के समक्ष रखने का भी निर्देश दिया।

इसके साथ ही असिस्टेंट सॉलिसिटर जनरल को गृह मंत्रालय और आईसीएमआर सहित केंद्र सरकार द्वारा जारी किए गए किसी भी दिशानिर्देश के संबंध में अदालत को सूचित करने के लिए निर्देशित किया गया।

इसके साथ ही असिस्टेंट सॉलिसिटर जनरल को कोरोना महामारी के बीच आयोजित होने वाले कुंभ मेला 2021 से में आने वाली समस्याओं से निपटने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) जारी करने के लिए कदम उठाने के लिए केंद्र सरकार से अनुरोध करने के लिए आगे निर्देशित किया गया।

इस मामले को अब 13 जनवरी 2021 को आगे की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया है।

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