Begin typing your search above and press return to search.
मुख्य सुर्खियां

केरल कोर्ट ने विस्मया मामले में पति किरण कुमार को दहेज हत्या का दोषी पाया

Shahadat
23 May 2022 8:17 AM GMT
केरल कोर्ट ने विस्मया मामले में पति किरण कुमार को दहेज हत्या का दोषी पाया
x

केरल की निचली अदालत ने सोमवार को सनसनीखेज दहेज हत्या मामले में लंबे समय से प्रतीक्षित फैसला सुनाया। इस मामले में 22 वर्षीय विस्मया वी नायर जून, 2021 में दहेज उत्पीड़न और घरेलू हिंसा के कारण कथित तौर पर आत्महत्या के कारण अपने ससुराल में मृत पाई गई थी।

कोल्लम के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुजीत केएन ने विस्मया के पति किरण कुमार को अपराध का दोषी पाया, जो मामले के एकमात्र आरोपी हैं। सजा पर सुनवाई कल यानी मंगलवार को होगी।

अभियोजन पक्ष ने मामला बनाने के लिए डिजिटल साक्ष्य पर भरोसा किया था। यह शायद पहला दहेज उत्पीड़न का मामला है जहां डिजिटल सबूतों के बड़े हिस्से को आरोपी के अपराध का पता लगाने के लिए इस्तेमाल किया गया था।

सुनवाई के दौरान अदालत ने कुल 42 गवाहों, 108 दस्तावेजों और कई कॉल रिकॉर्ड की जांच की। पुलिस ने 507 पन्नों का चार्जशीट दाखिल की। चार्जशीट में कहा गया कि विस्माया ने दहेज प्रताड़ना के चलते आत्महत्या की है।

फैसले से एक दिन पहले कथित तौर पर विस्मय से संबंधित वॉयस रिकॉर्डिंग सामने आने के बाद अभियोजन पक्ष के मामले को मजबूती मिली। ऑडियो क्लिप विस्मया और उसके पिता के बीच फोन कॉल है, जहां उसे रोते और उत्पीड़न की शिकायत करते हुए सुना जाता है। इससे पता चलता है कि उसके पति द्वारा उसे गंभीर यातना दी गई थी।

किरण कुमार पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 304 (बी), 498 (ए), 306, 323 और 506 के तहत दहेज हत्या, शारीरिक या मानसिक नुकसान पहुंचाने, आत्महत्या के लिए उकसाने, स्वेच्छा से चोट पहुंचाने और आपराधिक धमकी देने का आरोप लगाया गया था। उसे आईपीसी की धारा 304 (बी), 498 (ए) और 306 के तहत दोषी ठहराया गया है।

ए़डवोकेट जी. मोहनराज मामले में विशेष लोक अभियोजक (एसपीपी) है।

पिछले साल राज्य को झकझोर देने वाली घटना में आयुर्वेद की मेडिकल छात्रा विस्मया को उसके ससुराल में दहेज उत्पीड़न की शिकायत के बाद रहस्यमय परिस्थितियों में मृत पाया गया था।

मौत उसकी शादी के एक साल के भीतर हुई और घटना के सामने आने के एक दिन बाद उसके पति को गिरफ्तार कर लिया गया। सहायक मोटर वाहन निरीक्षक किरण कुमार को भी उनकी मृत्यु के बाद सेवा से बर्खास्त कर दिया गया था। वह एक साल से अधिक समय से न्यायिक हिरासत में है और उसकी जमानत याचिका कई बार खारिज कर दी गई थी।

मामले में उसके पति के अपराध को साबित करने के लिए महत्वपूर्ण कई परिस्थितिजन्य साक्ष्य पाए गए। अपने पति के हाथों हुई यातना के संबंध में उसने जो ऑडियो संदेश भेजे थे, वह आरोप पत्र में प्रमुख डिजिटल साक्ष्य के रूप में सामने आए।

घटना से एक दिन पहले विस्मया ने कुमार द्वारा दहेज को लेकर कथित रूप से प्रताड़ित करने के साथ-साथ उसके शरीर पर घावों और निशानों की तस्वीरों को लेकर अपने रिश्तेदारों को व्हाट्सएप संदेश भी भेजे थे।

इसके बाद सूरनाडु पुलिस ने विस्मया के माता-पिता की शिकायत पर दहेज हत्या और वैवाहिक क्रूरता का मामला दर्ज किया। दहेज प्रथा की निंदा करने वाली प्रमुख हस्तियों के सामने आने के साथ इस घटना ने राज्य भर में बड़े पैमाने पर जन-विरोध को उभारा था।

आवेदक ने पिछले साल इस तर्क पर जमानत याचिका दायर की थी कि मामूली पारिवारिक विवाद को बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया है। उन्होंने यह भी तर्क दिया कि जांच रिपोर्ट के अनुसार, पीड़िता के शरीर पर एकमात्र शारीरिक चोट उसकी कलाई पर मामूली खरोंच थी। हालांकि, केरल हाईकोर्ट ने यह कहते हुए अपराधी-पति की जमानत अर्जी खारिज कर दी कि उस पर दहेज हत्या के गंभीर अपराध का आरोप लगाया गया है, जो एक सामाजिक बुराई है।

मार्च, 2022 में सुप्रीम कोर्ट ने उसे जमानत दे दी थी।

Next Story