हाईकोर्ट जज ने जूनियर वकील को 24 घंटे पुलिस हिरासत में भेजने का दिया आदेश, बाद में लिया वापस
Amir Ahmad
6 May 2026 12:09 PM IST

आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान असामान्य घटनाक्रम सामने आया, जब जस्टिस टी. राजशेखर राव ने कथित रूप से अशिष्ट व्यवहार करने पर जूनियर वकील को 24 घंटे के लिए पुलिस हिरासत में भेजने का मौखिक निर्देश दिया। हालांकि बाद में बार के हस्तक्षेप के पश्चात यह आदेश वापस ले लिया गया।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से प्रसारित हो रहा है जिसमें जज को वकील पर नाराजगी जताते और पुलिस को बुलाने का निर्देश देते देखा गया। वीडियो में वकील हाथ जोड़े हुए क्षमा मांगते नजर आते हैं।
जस्टिस राव ने सुनवाई के दौरान कहा,
“क्या मैंने आपकी रिट याचिका खारिज की? मैंने तो केवल आदेश की कॉपी लाने को कहा था। क्या आप स्वयं को बड़ा सीनियर एडवोकेट समझते हैं? पुलिस को बुलाइए...”
यह घटनाक्रम 4 मई को उस याचिका की सुनवाई के दौरान हुआ, जिसमें याचिकाकर्ता ने अपने खिलाफ जारी लुक आउट सर्कुलर और पासपोर्ट जब्ती को चुनौती दी थी।
याचिकाकर्ता के वकील ने तेलंगाना हाईकोर्ट के फैसले का हवाला दिया, जिसमें कहा गया कि वैध कारणों के बिना लुक आउट सर्कुलर अनिश्चितकाल तक जारी नहीं रखा जा सकता। इस पर अदालत ने वकील से कहा कि आंध्र प्रदेश हाईकोर्ट का भी इसी विषय पर एक निर्णय है और उसकी कॉपी प्रस्तुत की जाए।
बताया जा रहा है कि इसके बाद वकील की किसी प्रतिक्रिया से अदालत नाराज हो गई, जिसके बाद जस्टिस राव ने रजिस्ट्रार (न्यायिक) को निर्देश दिया कि वकील को तत्काल पुलिस हिरासत में दिया जाए।
अदालत ने मौखिक रूप से कहा,
“याचिकाकर्ता के वकील ने अनुचित व्यवहार किया जिसे अन्य वकीलों ने भी देखा है। पुलिस उन्हें 24 घंटे की हिरासत में ले।”
हालांकि, बाद में अधिवक्ता संघ के हस्तक्षेप के बाद यह आदेश वापस ले लिया गया।
मुख्य याचिका में याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया था कि लुक आउट सर्कुलर और पासपोर्ट जब्ती की कार्रवाई मनमानी तथा संविधान के अनुच्छेद 14, 19 और 21 के तहत प्रदत्त मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है। याचिका में लुक आउट सर्कुलर रद्द करने और पासपोर्ट लौटाने की मांग की गई।

