हनी सिंह घरेलू हिंसा मामला: दिल्ली कोर्ट ने इन-कैमरा कार्यवाही का आदेश दिया

  • हनी सिंह घरेलू हिंसा मामला: दिल्ली कोर्ट ने इन-कैमरा कार्यवाही का आदेश दिया

    दिल्ली की एक अदालत ने मंगलवार को बॉलीवुड सिंगर और अभिनेता हनी सिंह के खिलाफ उनकी पत्नी शालिनी तलवार द्वारा दायर घरेलू हिंसा से संबंधित मामले में बंद कमरे में कार्यवाही करने का आदेश पारित किया।

    सिंह और तलवार दोनों के सहमत होने के बाद मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट तानिया सिंह ने यह आदेश पारित किया।

    जानिए 'इन -कैमरा' (बंद कमरा) कार्यवाही क्या होती है, इसे कब आयोजित किया जाता है?

    कोर्ट ने पहले सिंह को उनके या संयुक्त अरब अमीरात में उनकी कंपनियों के माध्यम से उनके स्वामित्व वाली अचल और चल संपत्ति में किसी भी तीसरे पक्ष के अधिकार बनाने से रोक दिया था।

    आवेदक की पत्नी ने घरेलू हिंसा से महिलाओं के संरक्षण अधिनियम, 2005 की धारा 12 के तहत अदालत का दरवाजा खटखटाया था।

    अपनी याचिका में उसने आरोप लगाया था कि सिंह और उसके परिवार के सदस्य ने उसके साथ हिंसक बर्ताव किया और जो हनी सिंह का अपने खिलाफ जाने वाले लोगों प्रति आपराधिक धमकी, चोट, क्रूर हिंसा का इतिहास रहा है।

    पत्नी ने आरोप लगाया कि वह लगातार डर में रह रही है, क्योंकि उत्तरदाताओं ने उसे शारीरिक नुकसान पहुंचाने की धमकी दी थी।

    याचिका में कहा गया,

    "प्रतिवादी नंबर एक, दो, तीन और चार ने साठगांठ की और आवेदक को मानसिक, शारीरिक, भावनात्मक, आर्थिक, यौन उत्पीड़न किया। प्रतिवादियों ने आवेदक को आपराधिक रूप से धमकाया, शादी के दौरान उत्तरदाताओं ने उसको यातनाएं दी जिससे उसे पीड़ा पहुंचीं और चोट लगी।"

    आगे यह आरोप लगाते हुए कि सिंह और उसके परिवार के सदस्य क्रूरता में लिप्त हैं और उन्होंने उसे बहुत प्रताड़ित किया है, तलवार का कहना है कि वह उनसे मुआवजे की हकदार है।

    याचिका में आगे कहा गया,

    "प्रतिवादी नंबर एक ने हमला करने, मारपीट करने, हाथापाई करने, धोखा देने, विश्वासघाती होने और उस महिला को अपूरणीय क्षति पहुंचाने में कोई शर्म नहीं दिखाई, जिसे वह अपने पास रखना और उसकी रक्षा करना चाहता था।"

    इसे देखते हुए तलवार ने सिंह को पांच लाख रुपये प्रति माह खर्चा देने का निर्देश देने की मांग की है। वह प्रतिवादियों को वैवाहिक घर या स्त्रीधन को बेचने से रोकने का भी प्रयास करती है।

    साथ ही सिंह और उनके परिवार से 10 करोड़ रुपये का अंतरिम मुआवजा भी मांगा गया है।

    शालिनी तलवार का प्रतिनिधित्व संदीप कपूर एडवोकेट, सीनियर पार्टनर, करंजावाला एंड कंपनी ने अपूर्व पांडे और एडवोकेट जी जी कश्यप के साथ किया।

    हनी सिंह का प्रतिनिधित्व वरिष्ठ अधिवक्ता रेबेका जॉन ने किया।

    केस शीर्षक: शालिनी तंवर बनाम हिरदेश सिंह और अन्य।

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