HNLU ने कर्मचारियों हेतु वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए 'स्टाफ करुणा निधि नीति' की शुरुआत की

Praveen Mishra

20 Nov 2025 3:41 PM IST

  • HNLU  ने कर्मचारियों हेतु वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए स्टाफ करुणा निधि नीति की शुरुआत की

    हिदायतुल्ला राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (HNLU), रायपुर ने पात्र कर्मचारियों और आउटसोर्स कर्मियों को आकस्मिक परिस्थितियों में वित्तीय सहयोग प्रदान करने के उद्देश्य से एचएनएलयू स्टाफ करुणा निधि (एचएससीएफ) को औपचारिक रूप से स्वीकृत कर लागू कर दिया है। यह नीति वित्त समिति की मंजूरी के उपरांत तत्काल प्रभाव से लागू हो गई है।

    एचएससीएफ का उद्देश्य चिकित्सा आपातकाल, दुर्घटना, शोक, प्राकृतिक आपदा तथा इसी प्रकार की गंभीर स्थितियों में समयबद्ध वित्तीय सहायता उपलब्ध कराना है। यह नीति विश्वविद्यालय के ग्रुप–D कर्मचारियों पर लागू होगी, जिनकी सकल मासिक आय ₹1,00,000 से कम है, साथ ही परिसर में कार्यरत आउटसोर्स कर्मचारियों पर भी। परिवारिक सहायता केवल पात्र कर्मचारियों के निकटतम आश्रितों तक सीमित होगी; आउटसोर्स कर्मियों के परिवारजन इस दायरे में शामिल नहीं हैं।

    करुणा निधि “एचएनएलयू स्टाफ करुणा निधि” नामक एक समर्पित बैंक खाते के माध्यम से संचालित होगी तथा विश्वविद्यालय की स्थापित वित्तीय प्रक्रियाओं के अनुरूप प्रबंधित की जाएगी। निधि के स्रोतों में शामिल हैं—

    • कर्मचारियों के स्वैच्छिक योगदान
    • पूर्व छात्रों एवं अन्य दाताओं से प्राप्त दान
    • प्रॉक्टोरियल बोर्ड द्वारा एकत्रित दंड राशि
    • निधि पर अर्जित ब्याज
    • विश्वविद्यालय के सामान्य कोष से प्रदत्त ₹1 करोड़ की एकमुश्त कोष राशि

    कोष का मूल धन अक्षुण्ण रखा जाएगा तथा राशि का उपयोग केवल ब्याज एवं दान के माध्यम से किया जाएगा।

    निधि के संचालन हेतु एचएनएलयू करुणा निधि समिति (एचसीएफसी) का गठन किया गया है, जिसमें—

    • कुलसचिव (संयोजक)
    • वित्त अधिकारी (कोषाध्यक्ष)
    • दो संकाय सदस्य
    • एक कर्मचारी प्रतिनिधि
    • शामिल हैं। निर्णय के लिए समिति की न्यूनतम तीन सदस्यों की उपस्थिति अनिवार्य होगी।

    सहायता की सीमा

    पात्र ग्रुप–D कर्मचारी के लिए:

    • तत्काल राहत: अधिकतम ₹25,000
    • वार्षिक सहायता सीमा: ₹50,000

    आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए:

    • तत्काल राहत: अधिकतम ₹15,000
    • वार्षिक सहायता सीमा: ₹25,000

    आवेदन आवश्यक दस्तावेजों सहित कुलसचिव को प्रस्तुत किए जाएंगे। एचसीएफसी द्वारा परीक्षण के उपरांत अनुशंसाएँ सक्षम प्राधिकारी को भेजी जाएँगी। स्वीकृत सहायता राशि चेक/एनईएफटी के माध्यम से सीधे लाभार्थी अथवा संबंधित संस्था के खाते में हस्तांतरित की जाएगी। निधि का वार्षिक लेखा परीक्षण विश्वविद्यालय की निर्धारित वित्तीय ऑडिट प्रणाली के अनुरूप किया जाएगा।

    नीति में संशोधन का अधिकार कुलपति को प्राप्त है, जो एचसीएफसी की अनुशंसा के आधार पर आवश्यक परिवर्तन कर सकते हैं।

    अधिक जानकारी के लिए पूर्ण नीति दस्तावेज विश्वविद्यालय के आधिकारिक माध्यमों पर उपलब्ध है।

    हिदायतुल्ला राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय, रायपुर

    Praveen Mishra

    Praveen Mishra

    प्रवीण मिश्रा Law Graduate हैं और लाइव लॉ हिंदी से जुड़े हैं। वे सुप्रीम कोर्ट, उच्च न्यायालयों, उपभोक्ता आयोगों और अन्य न्यायिक मंचों के महत्वपूर्ण फैसलों एवं कानूनी घटनाक्रमों पर लेखन करते हैं। उनका उद्देश्य जटिल कानूनी विषयों और न्यायिक निर्णयों को सरल, सटीक और तथ्यपरक भाषा में हिंदी पाठकों तक पहुंचाना है।

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