दिल्ली दंगे UAPA केस: आरोपी अथर खान ने ज़मानत पाने वाले दूसरे आरोपी के आधार पर ज़मानत के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया

Shahadat

27 Aug 2026 2:56 PM IST

  • दिल्ली दंगे UAPA केस: आरोपी अथर खान ने ज़मानत पाने वाले दूसरे आरोपी के आधार पर ज़मानत के लिए सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया

    सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों की "बड़ी साज़िश" (लार्जर कॉन्स्पिरेसी) मामले में सह-आरोपी अथर खान की ज़मानत याचिका पर दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया।

    जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की बेंच ने खान की स्पेशल लीव पिटीशन पर नोटिस जारी किया। इस याचिका में दिल्ली हाईकोर्ट के 7 जुलाई के उस आदेश को चुनौती दी गई, जिसमें उन्हें ज़मानत देने से इनकार कर दिया गया। ट्रायल कोर्ट ने भी उन्हें ज़मानत देने से मना कर दिया।

    अतहर खान ने शादाब अहमद के आधार पर ज़मानत मांगी, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट ने जनवरी 2026 में ज़मानत दी थी।

    खान को FIR नंबर 59/2020 के तहत गिरफ़्तार किया गया। यह मामला गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA), 1967 की धारा 13/16/17/18 और भारतीय दंड संहिता (IPC), 1860 की धारा 302/307/353/186/212/395/427/435/436/452/454/109/114/147/148/124A/153A/120B के तहत दर्ज किया गया।

    गौरतलब है कि जस्टिस कुमार और जस्टिस पीबी वराले की बेंच ने 'यूनियन ऑफ़ इंडिया बनाम केए नजीब (2021)' मामले में 3 जजों की बेंच के फ़ैसला समझने का सवाल बड़ी बेंच को भेजा है। उस फ़ैसले में कहा गया कि UAPA के तहत मामलों में लंबी जेल की सज़ा ज़मानत देने का आधार हो सकती है, भले ही कानून की शर्तें कितनी भी सख़्त क्यों न हों।

    यह मामला बड़ी बेंच को तब भेजा गया, जब सह-आरोपी तस्लीम अहमद और खालिद सैफ़ी को अंतरिम ज़मानत दी जा रही थी।

    यह मामला 'सैयद इफ़्तिखार अंद्राबी' मामले में दो जजों की बेंच (जस्टिस बीवी नागरत्ना और उज्ज्वल भुइयां) के फ़ैसले के बाद भेजा गया। उस फ़ैसले में 'गुलफ़िशा फ़ातिमा' और 'गुरविंदर सिंह' (दोनों फ़ैसले जस्टिस अरविंद कुमार ने लिखे थे) के फ़ैसलों की आलोचना की गई। कहा गया कि उन फ़ैसलों में UAPA मामलों में ज़मानत को लेकर संकीर्ण नज़रिया अपनाया गया। अंद्राबी मामले में बेंच ने यह राय व्यक्त की कि गुलफिशा फातिमा और गुरविंदर सिंह ने के.ए. नजीब मामले के फैसले से अलग रुख अपनाया।

    Case Detail: ATHAR KHAN v STATE OF NCT OF DELHI|Special Leave to Appeal (Crl.) No(s). 14920/2026

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