दिल्ली कोर्ट ने UAPA टेरर फंडिंग मामले में ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट खुर्रम परवेज़ और पत्रकार इरफ़ान मेराज को ज़मानत दी

Shahadat

18 July 2026 9:35 PM IST

  • दिल्ली कोर्ट ने UAPA टेरर फंडिंग मामले में ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट खुर्रम परवेज़ और पत्रकार इरफ़ान मेराज को ज़मानत दी

    दिल्ली कोर्ट ने ह्यूमन राइट्स एक्टिविस्ट खुर्रम परवेज़ और कश्मीरी पत्रकार इरफ़ान मेराज को 2020 के UAPA मामले में ज़मानत दी।

    मेराज और परवेज़ पर अक्टूबर 2020 में NIA द्वारा दर्ज NGO टेरर फंडिंग मामले में आरोप लगाए गए।

    पटियाला हाउस कोर्ट के प्रिंसिपल और सेशन जज पीतांबर दत्त ने यह आदेश पारित किया।

    इस ज़मानत आदेश के साथ कोर्ट ने खुर्रम परवेज़ की रिहाई का रास्ता साफ़ कर दिया। उन्हें हाल ही में दिल्ली हाईकोर्ट ने एक अन्य UAPA मामले में ज़मानत दी थी।

    मेराज मार्च 2022 तक JKCCS के साथ रिसर्चर थे। परवेज़ इस अधिकार समूह के को-ऑर्डिनेटर थे और NIA ने उन पर 2016 के आंदोलन के दौरान कश्मीर में प्रदर्शनकारियों को "भौतिक सहायता" (material support) देने का आरोप लगाया।

    NIA ने कहा कि 2020 के मामले में घाटी स्थित कुछ NGO, ट्रस्ट और सोसायटियों की "आतंक से जुड़ी गतिविधियों की फंडिंग में शामिल होने की जांच की जा रही है"।

    NIA ने दावा किया,

    "कुछ NGO, जो रजिस्टर्ड और अन-रजिस्टर्ड दोनों तरह के हैं, चैरिटी और विभिन्न कल्याणकारी गतिविधियों (जैसे पब्लिक हेल्थ, शिक्षा आदि) की आड़ में देश और विदेश से फंड इकट्ठा करते पाए गए हैं। लेकिन इनमें से कुछ संगठनों ने प्रतिबंधित आतंकवादी संगठनों, जैसे लश्कर-ए-तैयबा (LeT), हिज़्बुल मुजाहिदीन (HM) आदि के साथ संबंध बना लिए हैं।"

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