चेक बाउंस केस में राजपाल यादव को राहत, हाईकोर्ट ने कहा- एक्टर को अभी नहीं भेजा जाएगा जेल
Shahadat
18 March 2026 6:00 PM IST

दिल्ली हाईकोर्ट ने बुधवार को कहा कि वह बॉलीवुड एक्टर राजपाल नौरंग यादव को अभी जेल नहीं भेजेगा, क्योंकि उन्होंने अपने खिलाफ चेक बाउंस मामलों में शिकायतकर्ता को काफी बड़ी रकम का पेमेंट कर दिया।
जस्टिस स्वर्ण कांता शर्मा ने एक्टर के वकील से उन याचिकाओं पर अपनी बात रखने को कहा, जो उन्होंने इन मामलों में अपनी सज़ा को चुनौती देते हुए दायर कीं।
यह मामला बुधवार को सुनवाई के लिए तब लिस्ट किया गया, जब 16 फरवरी को कोर्ट द्वारा यादव की सज़ा पर दी गई अंतरिम रोक की मियाद खत्म हो गई थी।
शुरुआत में यादव की तरफ से पेश वकील ने कहा कि वे सज़ा पर रोक लगाने की मांग करते हुए एक और अर्जी दाखिल कर रहे हैं।
इस पर कोर्ट ने मौखिक रूप से टिप्पणी की:
“मैं उन्हें जेल नहीं भेज रहा हूं। मैं मुख्य याचिका पर सुनवाई करूंगा... उन्होंने पहले ही काफी पेमेंट कर दिया है।”
एक्टर खुद कोर्ट में मौजूद थे।
कोर्ट ने कहा कि एक्टर या तो यह बता सकते हैं कि क्या उन्हें शिकायतकर्ता को पेमेंट करके सहमति समझौते का पालन करना है, या फिर वे मामले पर उसके गुण-दोष के आधार पर बहस कर सकते हैं।
इसके बाद एक्टर के वकील ने कहा कि वे निर्देश लेकर वापस आएंगे।
जब विरोधी पक्ष के वकील ने कहा कि सज़ा पर लगी रोक को हटाने की अर्जी अभी लंबित है तो कोर्ट ने कहा:
“वह भाग नहीं रहे हैं। वह अभी भी यहीं हैं... अगर पैसा आपको मिलना है तो वह मिल जाएगा। मैं एक हफ़्ते के अंदर इस पर फ़ैसला कर लूंगा। वह भाग नहीं रहे हैं। वह यहीं हैं। वह जेल भी जा चुके हैं। धारा 138 के मामले में हमें और क्या चाहिए?”
कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 1 अप्रैल की तारीख तय की। जज ने कहा कि सज़ा पर रोक लगाने का अंतरिम आदेश अगली सुनवाई की तारीख तक जारी रहेगा।
इससे पहले, कोर्ट ने एक्टर को निर्देश दिया था कि वे तुरंत तिहाड़ जेल के सुपरिटेंडेंट के सामने सरेंडर करें। कोर्ट ने कहा था कि यह उम्मीद नहीं की जा सकती कि वह किसी भी व्यक्ति के लिए सिर्फ़ इसलिए कोई विशेष परिस्थिति बनाए या दिखाए, क्योंकि वह व्यक्ति किसी खास पृष्ठभूमि या इंडस्ट्री से ताल्लुक रखता है।
2 फरवरी को कोर्ट ने यादव को सरेंडर करने का आदेश दिया था। कोर्ट ने चेक बाउंस मामलों में समझौते की रकम के पेमेंट को लेकर कोर्ट में दिए गए अपने वादों को बार-बार तोड़ने के लिए यादव को कड़ी फटकार लगाई थी।
जस्टिस शर्मा ने टिप्पणी की कि एक्टर का आचरण "निंदा के योग्य है"। साथ ही यह भी कहा कि अदालत द्वारा कई अवसर दिए जाने और काफी नरमी बरते जाने के बावजूद, यादव शिकायतकर्ता कंपनी—M/s मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड—को किए गए भुगतान के वादों को पूरा करने में विफल रहे।
Title: SH. RAJPAL NAURANG YADAV & ANR v. M/S. MURLI PROJECTS PVT. LTD & ANR

