YS Vivekananda Reddy Murder | सुप्रीम कोर्ट ने आरोपियों की जमानत को चुनौती देने और CBI जांच की मांग वाली याचिकाएं खारिज कीं
Shahadat
12 March 2026 10:25 AM IST

सुप्रीम कोर्ट ने पूर्व सांसद वाई एस विवेकानंद रेड्डी की बेटी डॉ. सुनीता नर्रेड्डी द्वारा दायर याचिकाओं के एक समूह को खारिज किया। इन याचिकाओं में उन्होंने अपने पिता की हत्या की CBI (केंद्रीय जांच ब्यूरो) से आगे की जांच कराने का निर्देश देने और YSR कांग्रेस पार्टी के सांसद वाईएस अविनाश रेड्डी को दी गई अग्रिम जमानत, साथ ही अन्य आरोपियों को मिली जमानत को चुनौती दी थी।
जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस एन कोटिश्वर सिंह की खंडपीठ ने इन याचिकाओं को तब खारिज कर दिया, जब CBI ने यह बताया कि मंगलवार को एक पूरक आरोप पत्र (सप्लीमेंट्री चार्जशीट) दायर कर दिया गया और अब आगे किसी जांच की आवश्यकता नहीं है।
कोर्ट ने कहा,
"CBI की ओर से पेश हुए ASG (एडिशनल सॉलिसिटर जनरल) ने बताया कि कल ही तीसरा पूरक आरोप पत्र दायर किया जा चुका है। इसे देखते हुए हम इस मामले में हस्तक्षेप करने के इच्छुक नहीं हैं।"
सीनियर एडवोकेट सिद्धार्थ लूथरा ने कोर्ट को बताया कि याचिकाकर्ता के पास कुछ अतिरिक्त और प्रासंगिक सामग्री मौजूद है, जिस पर CBI ने विचार नहीं किया। इस पर कोर्ट ने याचिकाकर्ता को यह छूट दी कि वह अपनी शिकायत लेकर किसी उचित मंच (फोरम) के समक्ष जा सकती हैं।
कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट को यह भी निर्देश दिया कि वह CrPC की धारा 207 (आरोपी को आरोप पत्र, FIR, गवाहों के बयान और अन्य प्रासंगिक दस्तावेजों की प्रति उपलब्ध कराना) के तहत होने वाली कार्यवाही को 4 सप्ताह के भीतर पूरा करे। इसके साथ ही कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट से यह भी अनुरोध किया कि वह इस मुकदमे की सुनवाई में तेजी लाए।
सुनीता नर्रेड्डी ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाते हुए अपने पिता की हत्या के पीछे कथित तौर पर रची गई 'बड़ी साजिश' की गहन जांच कराने की मांग की थी, और साथ ही अविनाश रेड्डी को मिली अग्रिम जमानत सहित, इस मामले के कई आरोपियों को दी गई जमानत को चुनौती दी थी। भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के सदस्य और आंध्र प्रदेश के दिवंगत मुख्यमंत्री वाईएस राजशेखर रेड्डी के भाई वाईएस विवेकानंद रेड्डी की 2019 में कडप्पा ज़िले के पुलिवेंदुला स्थित उनके आवास पर हत्या कर दी गई।
इस मामले की शुरुआती जांच राज्य अपराध जांच विभाग की एक विशेष जांच टीम (SIT) ने की थी, लेकिन जुलाई 2020 में इसे केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को सौंप दिया गया। CBI ने अक्टूबर 2021 में चार्जशीट और जनवरी 2022 में एक सप्लीमेंट्री चार्जशीट दाखिल की।
नवंबर, 2022 में सुप्रीम कोर्ट ने विवेकानंद रेड्डी की हत्या के मुकदमे को आंध्र प्रदेश से हैदराबाद की एक विशेष CBI अदालत में स्थानांतरित करने का निर्देश दिया। कोर्ट ने यह माना कि उनकी पत्नी और बेटी द्वारा निष्पक्ष सुनवाई में बाधा आने की आशंकाएं उचित थीं।
तेलंगाना हाईकोर्ट ने वाईएस अविनाश रेड्डी को अग्रिम ज़मानत दी। कोर्ट ने यह टिप्पणी की कि किसी बड़ी साज़िश में उनकी संलिप्तता साबित करने के लिए कोई सीधा सबूत उपलब्ध नहीं है।
Case Title – Suneetha Narreddy v. YS Avinash Reddy & Anr.

